संजय गायकवाड व हर्षवर्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया) 
बुलढाना

दो करोड़ की डिफेंडर कार से मचा सियासी बवाल! ठेकेदार ने 21 विधायकों को गिफ्ट कीं गाड़ियां?

Maharashtra Politics: बुलढाणा के विधायक संजय गायकवाड की 2 करोड़ की डिफेंडर कार विवादों में, कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल का आरोप- एक ठेकेदार ने 21 विधायकों को ऐसी कारें गिफ्ट कीं।

आकाश मसने

Defender Car Gift Controversy: महाराष्ट्र के बुलढाणा शहर के शिंदे गुट के विधायक संजय गायकवाड की दो करोड़ रुपये की 'डिफेंडर' कार इस समय राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। यह शानदार कार किसी विधायक के पास होने के बावजूद विवाद का कारण बनी है, और यह विवाद विरोधियों से नहीं, बल्कि महायुति के एक नेता द्वारा उठाया गया है। इससे न केवल बुलढाणा जिले में, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में हलचल मच गई है।

इसके बाद अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एक आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में एक ठेकेदार ने 21 विधायकों को डिफेंडर गाड़ियां उपहार में दी हैं। बुलढाणा बीजेपी के जिला अध्यक्ष विजय शिंदे ने विधायक संजय गायकवाड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपकाल ने आरोप लगाया कि गायकवाड ने यह महंगी डिफेंडर कार एक ठेकेदार से कमीशन के तौर पर ली है।

संजय गायकवाड़ बोले आरोप गलत

इन आरोपों पर विधायक संजय गायकवाड ने अपनी खास शैली में जवाब देते हुए कहा कि यह कार उनकी नहीं है, बल्कि यह उनके एक परिजन की है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन पर राजनैतिक द्वेष और गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।

21 विधायकों गिफ्ट की कार

वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र के सत्ताधारी विधायकों पर सीधे आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, राज्य के सत्ताधारी पक्ष के 21 विधायकों को एक ही ठेकेदार ने डिफेंडर गाड़ियां उपहार के रूप में दी हैं।

सपकाल ने कहा कि पिछले समय में राज्य में '50 खोके एकदम ओके' की घोषणा हुई थी। अब वही घटनाक्रम फिर से हो रहा है। दिवाली के पटाखे फूट रहे हैं और महाराष्ट्र के सत्ताधारी विधायकों को 21 डिफेंडर गाड़ियां एक ठेकेदार ने गिफ्ट दी हैं।

अब यह सवाल उठता है कि ये 21 विधायक और गिफ्ट देने वाला ठेकेदार कौन है? इसका जवाब महाराष्ट्र को जल्दी मिलेगा। बुलढाणा की गाड़ी 21वीं है या 22वीं, यह पता करना चाहिए।

कांग्रेस नेता सपकाल ने आगे कहा कि हम लोकतंत्र में रहते हैं। विधायक और सांसद जनता के प्रतिनिधि होते हैं। देश, राज्य और ग्राम सभा का प्रतिनिधि होता है, इसलिए उन्हें अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। बिना किसी कारण के विभिन्न स्टिकर्स लगाकर या पुलिस का सुरक्षा कवच लेकर घूमना गलत है। मैं भी विधायक था, लेकिन मेरी किसी भी गाड़ी पर विधायक का स्टिकर नहीं था।

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