Municipal Corporation Ritu Tawde Mayor: बीएमसी के अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने तथा संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए 'एक मरीज-एक परिजन' व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव सामने आया है।
इस संबंध में मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर बीएमसी अस्पतालों में नई व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। पत्र में कहा गया है कि प्रमुख और उपनगरीय अस्पतालों में बढ़ती भीड़ के कारण मरीजों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में प्रत्येक भर्ती मरीज के साथ वार्ड में केवल एक परिजन को रहने की अनुमति देने से अनावश्यक भीड़ कम की जा सकती है। इससे डॉक्टरों और नर्सों को उपचार कार्य में सुविधा मिलने के साथ मरीजों को अपेक्षाकृत शांत और संक्रमणमुक्त वातावरण भी उपलब्ध हो सकेगा। मुंबई महापौर ने सुझाव दिया है कि इस व्यवस्था की शुरुआत प्रायोगिक आधार पर पहले केईएम, सायन और नायर अस्पतालों में की जाए। इसके अलावा अस्पतालों के प्रवेश द्वार पर विजिटर पास मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
मुंबई सेंट्रल स्थित नायर अस्पताल में सोमवार से अत्याधुनिक दुर्घटना एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) परिसर शुरू हो गया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप तैयार इस परिसर का निरीक्षण महापौर रितु तावडे, विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों और बीएमसी अधिकारियों ने किया। राष्ट्रीय शोक के कारण प्रस्तावित उद्घाटन समारोह रद्द कर दिया गया, लेकिन मरीजों की सुविधा को देखते हुए सेवाएं शुरू कर दी गई।
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पहले चरण में दुर्घटना विभाग, ट्रायेज वार्ड, बाल रोग, अस्थि रोग, सर्जरी और माइनर ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं शुरू कर दी गई है। परिसर में गोल्डन ऑवर के दौरान गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आठ बिस्तरों वाला ईएमएस वार्ड, एक्स-रे कक्ष और डीकंटैमिनेशन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है।
जल्द ही दूसरे चरण में आपातकालीन डायग्नोस्टिक सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। बीएमसी के अनुसार, नए परिसर के शुरू होने से गंभीर मरीजों को तेज और बेहतर गुणवत्ता वाली आपातकालीन चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।