Tumsar Electricity Problem: शहरों सहित ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत विभाग के अधिकारियों की उदासीनता हादसों को न्यौता दे रही है। विद्युत खंभों से झूलते विद्युत तार व खुले में रखे ट्रांसफार्मरों के साथ जर्जर विद्युत पोलों से हो रही सप्लाई हर समय डर के साए में जीने को मजबूर कर रही है।
ग्रामीण विद्युत अधिकारियों को शिकायत करते हैं, लेकिन उनके द्वारा कोई गंभीरता दिखाई नहीं जाती है। विद्युत विभाग द्वारा बिजली तारें उचित तरीके से रखनी चाहिए जिससे हादसों से बचा जा सकता है। जर्जर खंभे पर बिजली के तार लटक रहे हैं। खेत के बीचोंबीच लगे खंभे से हमेशा अनहोनी की आशंका से किसान भयभीत रहते हैं।
जानकारी के बाद भी विभाग इसके प्रति लापरवाही बरत रहा है। ऐसी स्थिति विभिन्न स्थानों पर दिखाई देती है। जर्जर विद्युत पोल से विद्युत सप्लाई की जा रही है। इसी तरह कई आवासी कॉलोनी में भी छतों के निकट से होकर हाईटेंशन विद्युत लाइनें गुजर रही हैं जिनसे अनहोनी की आशंका में ग्रामीणों को छतों पर भी जाने में डर लगता है।
विद्युत विभाग के कर्मिकों से शिकायत करने के बावजूद कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। कई जगह लाइनें मकानों से सटकर गुजर रही है। कई जगह तो यह काफी नीचे तक झूल रही है, जिनसे हर समय खतरा मंडराता रहता है। जरा सी हवा चलते ही केबलें आपस में टकरा जाती है तो चिंगारियां जल उठती है। झूलती तारों से पूर्व में भी कई हादसे हो चुके है।
समस्याओं को लेकर जब फोन करते हैं तो पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन समाधान नहीं होता। विद्युत विभाग को ध्यान देने की आवश्यकता चिखला जिप क्षेत्र के दिलीप सोनवाने ने कहा कि, बारिश के दौरान झूलते तारों से दुर्घटना होने की अधिक संभावना रहती है।
आंधी तूफान के कारण हाइटेंशन विद्युत लाइनें की तारों का मकानों को टच होना काफी हानिकारक साबित हो सकता है। समय रहते विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने ध्यान देकर उचित व्यवस्था करवानी चाहिए।