भंडारा: भंडारा में आयोजित भव्य भंडारा बायपास के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मजेदार लेकिन सख्त तेवर देखने को मिला। मंच से ही उन्होंने शिंदे गुट के विधायक नरेंद्र भोंडेकर को हंसी-हंसी में ऐसी ‘चेतावनी’ दे डाली, कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। मगर मजाक के पीछे गडकरी का साफ संदेश था कि “कानून-व्यवस्था के मामले में कोई राजनीति न हो!”
भंडारा बायपास के उद्घाटन कार्यक्रम में गडकरी, विधायक नरेंद्र भोंडेकर और पुलिस अधीक्षक नुरुल हसन एक ही मंच पर मौजूद थे। जैसे ही गडकरी ने एसपी हसन की तारीफ शुरू की, माहौल बदल गया। गडकरी ने कहा, “नुरुल हसन बहुत अच्छे और ईमानदार अफसर हैं। इनके रहते अवैध धंधे बंद हो रहे हैं। पुलिस की सख्ती से कानून-व्यवस्था दुरुस्त हुई है।”
इस पर विधायक नरेंद्र भोंडेकर बोले, “हम इन्हें संभाल रहे हैं और साथ दे रहे हैं।” गडकरी ने यह सुनकर मुस्कुरा कर तुरंत तंज कसा, “अगर तुम एसपी को नहीं संभालोगे तो मैं तुम्हें सुधार दूंगा! जिले में कड़क अफसर न हो तो विधायक भी नहीं सुधरते!” मंच पर मौजूद अधिकारी, नेता और आम लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े। गडकरी का यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है।
गडकरी के शब्द भले मजाकिया लगे, लेकिन उनमें साफ चेतावनी छिपी थी। ईमानदार और कड़क पुलिस अफसर पर राजनीतिक दबाव मत डालो। अगर एसपी को हटाने की साजिश करोगे तो मैं खुद हस्तक्षेप करूंगा। गडकरी ने कहा, “जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़क और ईमानदार अफसर जरूरी हैं। बिना सख्त अफसर के विधायक भी सुधरते नहीं।”
गडकरी ने एसपी नुरुल हसन की खुलकर तारीफ इसलिए की क्योंकि उनके कार्यभार संभालते ही भंडारा में अवैध कारोबारियों पर कहर टूट पड़ा। शराब के अवैध ठेके, सट्टा-जुआ अड्डे और गोवंश तस्करी पर पुलिस ने जबरदस्त कार्रवाई की। एसपी हसन मूलतः उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के रहने वाले हैं। उनकी पहचान एक ईमानदार, सख्त और मेहनती पुलिस अफसर की है। इससे पहले भी वर्धा जिले में एसपी रहते हुए उन्होंने अपराधियों की कमर तोड़ दी थी और वहां भी गडकरी ने उनके काम की तारीफ की थी।
नितिन गडकरी के हाथों इस अवसर पर भंडारा जिले को बड़ी सौगातें मिलीं। कार्यक्रम में 84 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले मौदा-वाय जंक्शन फ्लाईओवर प्रोजेक्ट का लोकार्पण, 735 करोड़ रुपये के भंडारा बायपास का उद्घाटन, 1,100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। गडकरी ने कहा कि यह सड़कें और फ्लाईओवर भंडारा और आसपास के इलाकों को नई रफ्तार देंगे और विकास की धारा को तेज करेंगे।
लोकार्पण के दौरान गडकरी जब वैनगंगा नदी के पुल पर पहुंचे तो एसपी नुरुल हसन ने उन्हें सैल्यूट किया। गडकरी ने भी तुरंत सम्मान में हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ कहा। यह दृश्य देख लोग बोले “नेता और अफसर दोनों में इज्जत का रिश्ता दिखा!” गडकरी की तारीफ सुनकर एसपी हसन मंच पर ही भावुक हो गए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से गडकरी का आभार जताया।
गडकरी का यह मजेदार लेकिन तीखा बयान अब सियासी चर्चा का मुद्दा बन गया है। लोग कह रहे हैं कि गडकरी ने हंसते-हंसते विधायक को भी घेरा और कानून-व्यवस्था का एजेंडा भी साफ कर दिया! कुल मिलाकर इस कार्यक्रम ने विकास योजनाओं की सौगात दी, तो गडकरी के बेबाक अंदाज़ ने नेताओं को भी आईना दिखा दिया। ईमानदार अफसर चाहिए तो राजनीति छोड़ो, वरना मैं खुद सुधारने आऊंगा! एसा भी गडकरी ने कहा।