Bhandara Agriculture Department: बदलते मौसम और अलनीनो के प्रभाव के चलते भविष्य में कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को धान की खेती के लिए एक आधुनिक और बेहद उपयोगी विकल्प सुझाया है। सिहोरा के पास कर्कापुर में रहने वाले किसान अतुल सुकलाल सिंदपुरे के खेत पर कृषि विभाग की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में डायरेक्ट सीडेड राइस डीएसआर यंत्र के जरिए धान की सीधी बुआई करने का लाइव डेमो दिया गया और मौजूद किसानों को इस नई तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी मुहैया कराई गई। इस मौके पर साकोली के उपविभागीय कृषि अधिकारी किशोर पात्रीकर, उप कृषि अधिकारी संतोष नागलवाडे, सहायक कृषि अधिकारी विलास फासे और पूर्व सरपंच सुकलाल सिंदपुरे समेत इलाके के कई किसान प्रमुखता से मौजूद रहे।
कृषि अधिकारियों ने किसानों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि जलवायु परिवर्तन और कम बारिश जैसी विषम परिस्थितियों में डीएसआर तकनीक धान उत्पादकों के लिए सबसे सटीक समाधान है। पारंपरिक तरीके के मुकाबले इस पद्धति से खेती करने पर पानी की बहुत बड़े पैमाने पर बचत होती है। इसके अलावा, धान का रोपा लगाने के लिए लगने वाले मजदूरों पर होने वाला भारी-भरकम खर्चा भी काफी कम हो जाता है।
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अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि डीएसआर तकनीक अपनाने से न सिर्फ फसल का व्यवस्थापन बेहद सुलभ और आसान हो जाता है, बल्कि अंतिम उत्पादन में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। कार्यक्रम के अंत में कृषि विभाग ने किसानों से इस तकनीक को ज्यादा से ज्यादा अपनाने की अपील की।