Bhandara Forest Department: गिरोला स्थित कृषि गट क्रमांक 160 में सागौन एवं अन्य वृक्षों की कटाई के मामले में संबंधित किसानों ने साकोली में पत्रवार्ता परिषद आयोजित कर अपना पक्ष रखा। किसानों ने बताया कि भूमि समतलीकरण और खेती की तैयारी के उद्देश्य से पेड़ों की कटाई की गई, हालांकि इसके लिए पहले अनुमति का आवेदन दिया गया था। यादव लहुजी पर्वते, ईश्वरदास लहुजी पर्वते, रुपेंद्र पर्वते, चेतन पर्वते, नाशिक पर्वते और प्रमिला लांजेवार ने बताया कि उनकी निजी कृषि भूमि में समतलीकरण कार्य के लिए वृक्ष कटाई की अनुमति हेतु आवेदन किया गया था।
सभी सहमालिकों की सहमति से आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन बाद में पारिवारिक विवाद के चलते दो सहस्वामियों द्वारा वन विभाग को आपत्ति दर्ज कराने के कारण अनुमति रद्द कर दी गई। किसानों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले खेत तैयार करना आवश्यक था, इसलिए सभी सातबारा धारकों की आपसी सहमति से पेड़ों की कटाई कर दी गई।
कटाई की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लकड़ी जब्त कर पंचनामा तैयार किया और उसे विभागीय अभिरक्षा में जमा कर लिया। किसानों ने स्वीकार किया कि बिना अंतिम अनुमति के पेड़ों की कटाई की जिम्मेदारी उनकी है और वन विभाग द्वारा की जा रही जांच में वे पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमानुसार आवेदन कर जब्त लकड़ी वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
क्षेत्र सहायक राजू मेश्राम ने कहा कि भूमि समतलीकरण के लिए अनुमति का आवेदन दिया गया था, लेकिन पारिवारिक विवाद के बीच किसानों ने अनुमति मिलने से पहले ही करीब 75 अन्य प्रजाति के पेड़ों की कटाई कर दी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कटे हुए सभी वृक्षों का माल जब्त कर शासकीय रोपवाटिका में जमा किया गया है। इस मामले में महाराष्ट्र वन अधिनियम, 1964 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।