Sakoli Fake Police Robbery: हिंदी और मराठी फिल्मों में असली और नकली पुलिस का ड्रामा दर्शकों ने कई बार देखा होगा, लेकिन जब यही घटना वास्तविक जिंदगी में घटित हो, तो यह गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। साकोली में 18 अगस्त को दिनदहाड़े सामने आई नकली पुलिस बनकर लूटपाट की वारदात ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। साकोली निवासी गुलाब कापगते सुबह लगभग 11.30 बजे अपनी मोटरसाइकिल (एमएच-49/बीएफ-2772) से पेट्रोल भराने जा रहे थे।
तालाब वार्ड से एकोडी रोड मोड़ की ओर जाने वाले तालाव पार मार्ग पर हेलमेट पहने दो अज्ञात युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें रोका। आरोपियों ने क्षेत्र में चोरों की सक्रियता का डर दिखाकर कापगते को अपने सोने के आभूषण सुरक्षित रखने की सलाह दी। उनकी बातों में आकर कापगते ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर दे दी।
शातिर ठगों ने गहनों को कागज में बांधने का नाटक किया और असली आभूषणों की जगह नकली सामान थमाकर मौके से दोपहिया वाहन से रफूचक्कर हो गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साकोली थाने में मामला दर्ज कराया। शातिर अपराधियों ने जिस दुस्साहस के साथ इस वारदात को अंजाम दिया है, उसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को सीधी चुनौती दी है।
नगर सेविका स्मिता सिडाम ने कहा कि तालाब पार मार्ग के आसपास तालाव वार्ड, गणेश वार्ड और सिविल वार्ड जैसी घनी बस्तियां है। सुबह पुरुष काम पर निकल जाते हैं और महिलाएं घर पर अकेली रहती हैं। अगर ऐसे बदमाशों पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया, तो वे बस्तियों में घुसकर महिलाओं को निशाना बना सकते हैं। पुलिस को विशेष निगरानी रखनी चाहिए।
नगर सेवक सपन कापगते ने कहा कि अत्यंत व्यस्त मार्ग पर दिनदहाड़े लूट होना बेहद चिंताजनक है। इस रास्ते से महिलाएं भी बड़ी संख्या में आवाजाही करती है। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस विभाग को तुरंत जांच कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।