भंडारा

भंडारा: कागजों से बाहर नहीं निकला रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जिले में गिरता भूजल स्तर बढ़ा रहा चिंता

भंडारा जिले में जल संकट गहराता जा रहा है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग केवल कागजों पर है। प्रशासन और नागरिकों को जिम्मेदारी समझनी होगी।

महाराष्ट्र डेस्क

Bhandara News: तालाब और प्राकृतिक जल संपदा से समृद्ध माने जाने वाले भंडारा जिले में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है. जिले का भूजल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में कुएं और बोरवेल सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं. इस भीषण समस्या के बीच सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जल संरक्षण का सबसे प्रभावी उपाय माना जाने वाला रेन वाटर हार्वेस्टिंग अब तक केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है.

इसका कोई नाम लेने के लिए भी तैयार नहीं है. सरकार ने 2002 में लिया था निर्णयराज्य सरकार ने वर्ष 2002 में ही सभी सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया था. नियमों के अनुसार, नए निजी भवनों की अनुमति देते समय भी इस व्यवस्था को एक अनिवार्य शर्त बनाया गया है. इसके बावजूद भंडारा जिले में इस नियम का पालन नगण्य है. नगरपालिका के पास निरीक्षण और निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से यह नियम महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है.

हैरत की बात यह है कि स्वयं सरकारी कार्यालयों ने भी अपने भवनों पर इस प्रणाली को लागू करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है. जिले में पानी की मांग अधिक रहतीजिले में धान की खेती प्रमुख होने के कारण वर्षभर पानी की मांग अधिक रहती है. किसान तीनों मौसम में खेती करते हैं, जिससे भूजल का भारी दोहन हो रहा है. शहरी क्षेत्रों में भी नई कॉलोनियों के विस्तार के साथ बोरवेल की संख्या तेजी से बढ़ी है.

कुछ क्षेत्रों में हालात इतने गंभीर हैं कि वहां अब बोरवेल में पानी मिलना मुश्किल हो गया है. पर्याप्त वर्षा और वैनगंगा नदी के सानिध्य के बावजूद बारिश के पानी का संचयन न होना इस संकट का मुख्य कारण है.सख्ती से क्रियान्वयन होरेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से बारिश के पानी को जमीन में पुनर्भरण रिचार्ज कर भूजल स्तर को सुधारा जा सकता है. पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि नगरपालिका को भवन निर्माण अनुमति के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अग्रिम शुल्क लेना चाहिए, ताकि इस प्रणाली का सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके. भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अब प्रशासन और नागरिकों, दोनों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.

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