बिना स्मार्ट मीटर के बिजली बिल सोर्स- AI
भंडारा

भंडारा में बिजली कंपनी का अजीबोगरीब कांड, बिना स्मार्ट मीटर आया बिल, तकनीकी गलती या उपभोक्ता पर दबाव?

Electricity Bill Scam: महावितरण की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू है। भंडारा में एक उपभोक्ता के घर बिना मीटर लगाए ही 426 यूनिट बिजली खपत दिखाकर उसे 5,800 रुपये का बिल भेज दिया गया।

प्रमोद यादव

Bhandara Pavani Fake Smart Meter Electricity Bill Scam: भंडारा जिले के पवनी शहर में महावितरण की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू है। इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसमें उपभोक्ता के घर स्मार्ट मीटर लगाए बिना ही बिजली बिल में स्मार्ट मीटर का उल्लेख कर 426 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई और करीब 5,800 रुपये का बिल भेज दिया गया।

महावितरण की बिलिंग व्यवस्था पर सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद महावितरण की बिलिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पवनी निवासी मनोहर गोपाल भांबोरे के घर सोमवार को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए संबंधित एजेंसी के कर्मचारी पहुंचे थे। हालांकि, भांबोरे ने स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनके घर में पुराना स्टैटिक मीटर ही लगा रहा और उसी के माध्यम से बिजली आपूर्ति जारी रही।

बिना मीटर थमाया 5,800 रुपये का बिजली बिल

पवनी निवासी मनोहर गोपाल भांबोरे के घर उनके घर स्मार्ट मीटर लगाया ही नहीं गया। इसके बावजूद अगस्त 2026 के बिजली बिल में स्मार्ट मीटर का उल्लेख करते हुए 426 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई और करीब 5,800 रुपये का बिल जारी कर दिया गया।

बिल मिलने के बाद भांबोरे ने महावितरण के पवनी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर - उपकार्यकारी अभियंता राजन लिमजे ने अगस्त माह के बिल की राशि आगामी बिल में समायोजित करने की बात कही। साथ ही बिल में स्मार्ट मीटर दर्ज होने के कारण स्मार्ट मीटर लगवाना आवश्यक होने की जानकारी दी गई। इससे उपभोक्ता पर स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप भी सामने आया है।

मीटर लगाए बिना बिल में कैसे आया?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उपभोक्ता के घर स्मार्ट मीटर लगाया ही नहीं गया, तो बिजली बिल में स्मार्ट मीटर का उल्लेख कैसे किया गया? साथ ही 426 यूनिट की खपत किस मीटर की रीडिंग के आधार पर दर्ज की गई, यह भी स्पष्ट नहीं है।

उपभोक्ता ने महावितरण से वास्तविक मीटर नंबर और वर्तमान मीटर रीडिंग की जांच करने की मांग की है। भांबोरे का कहना है कि यदि बिल तैयार करने में किसी प्रकार की तकनीकी या मानवीय गलती हुई है, तो महावितरण को तत्काल इसकी जांच कर संशोधित बिल जारी करना चाहिए।

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