जुनोना भूख हड़ताल प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)  
भंडारा

भंडारा: जुनोना ग्राम पंचायत के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू, अतिक्रमण और फंड घोटाले की जांच की मांग

Junona Corruption Investigation: भंडारा की जुनोना ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार और अतिक्रमण के खिलाफ आज से प्रशांत मोहरकर 7 मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं।

केतकी मोडक

Hunger Strike At Junona Gram Panchayat In Bhandara: भंडारा जिले के पवनी तहसील के अंतर्गत आने वाले जुनोना गांव के नागरिकों ने ग्राम पंचायत प्रशासन की कथित निष्क्रियता और तानाशाही रवैये के खिलाफ अब सीधे आर-पार के संघर्ष का रास्ता चुन लिया है।

गांव के विभिन्न और गंभीर विकास कार्यों में हो रही लापरवाही तथा भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज होकर स्थानीय आंदोलनकारी प्रशांत मोहरकर ने आज, 8 जून को सुबह 10 बजे से सीधे ग्राम पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।

अल्टीमेटम खत्म होने के बाद लिया आंदोलन का फैसला

जुनोना ग्राम पंचायत प्रशासन को सौंपे गए अपने आधिकारिक ज्ञापन में प्रशांत मोहरकर ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने बताया कि गांव में नदी किनारे स्थित बच्चों और युवाओं के खेल के मैदान पर कुछ लोगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने के लिए बीते 29 मई को प्रशासन को एक लिखित निवेदन दिया गया था। इस मांग को पूरा करने के लिए ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच को पूरे सात दिनों की समय-सीमा भी सौंपी गई थी। लेकिन यह तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी जब स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें मजबूरन लोकतंत्र के इस सबसे कड़े मार्ग यानी भूख हड़ताल का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।

मोहरकर की वे 7 प्रमुख मांगें

प्रशांत मोहरकर ने जुनोना ग्राम पंचायत के पूरे कामकाज पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक सवालिया निशान खड़े करते हुए प्रशासन के सामने अपनी 7 मुख्य मांगें रखी हैं:

  • नदी किनारे बने खेल के मैदान से सभी तरह के अवैध अतिक्रमण को तुरंत और स्थाई रूप से हटाया जाए।
  • गांव के सरकारी बोरवेल में गैरकानूनी ढंग से लगाए गए निजी मोटर पंप को जब्त किया जाए और इस घोटाले में शामिल दोषियों के खिलाफ पुलिस में तुरंत मामला (FIR) दर्ज किया जाए।
  • गांव के जिला परिषद प्राथमिक स्कूल के विकास के लिए स्थानीय जनता और अभिभावकों के आपसी चंदे से जमा हुए करीब साढ़े तीन लाख रुपये (₹3,50,000) के बड़े फंड का पूरा लेखा-जोखा और हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
  • गांव में बनाए गए व्यायामशाला (जिम) के निर्माण से जुड़े सभी आधिकारिक और तकनीकी कागजात ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किए जाएं।
  • ग्राम पंचायत के अंतर्गत काम करने वाली विभिन्न वैधानिक कमेटियों (समितियों) और उनके सदस्यों की पूरी जानकारी बोर्ड पर दर्ज की जाए।
  • उमेद महिला बचत गट को लाइब्रेरी की सरकारी बिल्डिंग सौंपने का जो प्रशासनिक आदेश है, उसकी प्रति दिखाई जाए।
  • गांव में वाचनालय/लाइब्रेरी की वर्तमान भौतिक स्थिति और उसकी duर्दशा को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए

गांव का सामाजिक माहौल पूरी तरह गरमाया

भूख हड़ताल पर बैठने वाले प्रशांत मोहरकर और उनके समर्थक ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस व भंडारा जिला प्रशासन को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि इस शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान यदि किसी भी आंदोलनकारी के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता है या कोई भी अप्रिय अनहोनी घटना घटित होती है, तो उसकी पूरी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी जुनोना ग्राम पंचायत प्रशासन की ही मानी जाएगी।

ग्राम पंचायत के कामकाज पर सार्वजनिक रूप से उठे इन गंभीर सवालों, फंड में हेरफेर और कथित भ्रष्टाचार के इन सीधे आरोपों के बाद से पूरे जुनोना गांव का राजनीतिक और सामाजिक माहौल इस समय चरम पर गरमा गया है।

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