भंडारा बारिश, ऑरेंज अलर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI) 
भंडारा

भंडारा में बारिश का कहर, 3 दिन का ऑरेंज अलर्ट, बिजली गिरने से गाय की मौत

Bhandara Orange Alert: भंडारा में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। जिले में तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आकाशीय बिजली गिरने से एक गाय की मौत हुई, जबकि कई मकान और गोठे क्षतिग्रस्त हुए।

अंकिता पटेल

Bhandara Heavy Rain Damage: भंडारा जिले में लगातार हो रही बारिश अब कहर बरपाने लगी है। मौसम विभाग ने जिले के लिए तीन दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बुधवार को दोपहर तक बारिश थमी रही, लेकिन बाद में फिर शुरू हो गई। पिछले दो दिनों की मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं। आकाशीय बिजली गिरने से एक गाय की मौत हो गई, जबकि दो गोठे और छह मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

नुकसान की घटनाएं बढ़ी

जानकारी के अनुसार गुढरी गांव में दिलीप पटले के गोठे को नुकसान पहुंचा है। वहीं मोहाडी तहसील के खड़की गांव में बिजली गिरने से एक गाय की मौत हो गई और एक गोठा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा कुंभली में दो मकान तथा उमरी, मालूटोला और बोदरा में एक-एक मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का पंचनामा कराया जा रहा है।

मार्ग बंद से लोगों को परेशानी

बारिश के कारण जिले के तीन प्रमुख मार्ग लगातार दूसरे दिन भी बंद रहे। इनमें भंडारा-कारधा छोटा पुल, मालूटोला-सोमनाला मार्ग तथा सराटी नाला पुल शामिल हैं। हालांकि वैकल्पिक संपर्क बना हुआ है। दूसरी ओर साकोली तहसील के सुंदरी गांव में भारी बारिश से तालाब की पार टूट गई, जिससे आसपास के किसानों को नुकसान की आशंका है। प्रशासन ने तत्काल पंचनामा करने के निर्देश दिए हैं।

बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में जलभराव लगातार बढ़ रहा है। कारधा छोटे पुल के पास वैनगंगा नदी का जलस्तर 243.91 मीटर दर्ज किया गया, जो 245 मीटर के चेतावनी स्तर से नीचे है।

बढ़ती जल आवक को देखते हुए पुजारीटोला बांध के चार गेट खोलकर 88 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। गोसीखुर्द परियोजना के 13 गेटों से 1,612.88 क्यूसेक तथा धापेवाड़ा परियोजना के नौ गेटों से 1,870.11 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

गोंडसावरी का तालाब फूटा

लाखनी तहसील के गोंडसावरी में तालाब फूटने से आसपास के खेतों में बड़ी मात्रा में पानी घुस गया। इस घटना में करीब 20 से 25 एकड़ खेतों में लगी धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेती के ऐन मौसम में खड़ी फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसान बेहद परेशान हैं। पटवारी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया।

लाखनी तहसीलदार से तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग जोर पकड़ रही है। पूर्व पंचायत समिति उपसभापति तथा वर्तमान पंचायत समिति सदस्य गिरीश बावनकुले ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर स्थिति का जायजा लेकर नुकसानग्रस्त किसानों से बातचीत की।

पूरे नुकसान की विस्तृत जानकारी लाखनी तहसीलदार को फोन पर तथा प्रत्यक्ष मुलाकात के दौरान दी। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित किसानों को तत्काल उचित नुकसान भरपाई देने की मांग की है।

क्षेत्र के नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी

एक दिन पहले जिले के नौ राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई थी, जबकि बुधवार को केवल एकोडी मंडल में अतिवृष्टि हुई। 1 जून से अब तक जिले में औसतन 83 प्रतिशत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

साकोली में सर्वाधिक वर्षा

पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 20.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 37.2 मिमी बारिश साकोली तहसील में हुई। तुमसर में 29.1 मिमी, लाखनी में 20.6 मिमी, भंडारा में 18.8 मिमी, मोहाडी में 18.7 मिमी, लाखांदूर में 15.7 मिमी तथा पवनी में 13.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

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