रबी में ली जाएगी 86 हजार हेक्टेयर में फसलें (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
भंडारा

खेती-किसानी: रबी में ली जाएगी 86 हजार हेक्टेयर में फसलें, चना का क्षेत्र बढ़ेगा, गेहूं स्थिर

Farming: भंडारा जिले में रबी मौसम 2025-26 के लिए कृषि विभाग पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस वर्ष 86,174 हेक्टेयर क्षेत्र पर रबी फसलों की बुआई करने की योजना बनाई गई है।

आंचल लोखंडे

Bhandara News: भंडारा जिले में रबी मौसम 2025-26 के लिए कृषि विभाग पूरी तरह से तैयार हो गया है। इस वर्ष 86,174 हेक्टेयर क्षेत्र पर रबी फसलों की बुआई करने की योजना बनाई गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रबी क्षेत्र में 15 हजार हेक्टेयर की वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इस वर्ष जिले में औसत से अधिक बारिश हुई है और अधिकांश सिंचन प्रकल्प पूरी तरह भर चुके हैं। इससे किसानों के लिए उपयुक्त खेती का वातावरण तैयार हुआ है।

कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष रबी फसलों के अंतर्गत गेहूं, चना, मका, मसूर, मूंग, ज्वार, अलसी और मसाला फसलें बड़े पैमाने पर ली जाएंगी। इसमें मका 3,000 हेक्टेयर मेँ,मोहरी 8,000 हेक्टेयर में, अन्य रबी फसलें 4,000 हेक्टेयर में अतिरिक्त रूप से लेने की योजना बनाई गई है और इस पर अंमल किया जा रहा है। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुल रबी क्षेत्र 15 हजार हेक्टेयर अधिक रहने का अंदाज़ कृषि विभाग ने व्यक्त किया है।

सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी

पिछला रबी मौसम (2024-25) में गेहूं 12,339 हेक्टेयर, चना 16,478 हेक्टेयर,मटर 8,305 हेक्टेयर, मसूर 1,895 हेक्टेयर, मूंग 5,424 हेक्टेयर, अन्य दलहन 136 हेक्टेयर, मसाला फसलें 2,613 हेक्टेयर, गन्ना 449 हेक्टेयर बोया गया था। फिलहाल किसानों को बीज, खाद और सिंचन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कृषि विभाग ने किसानों को पानी प्रबंधन और खाद का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञों का अंदाज

वर्तमान में जिले के अधिकांश सिंचन प्रकल्प पूरी तरह लबालब हो हुए हैं। भूमि में पर्याप्त नमी होने से रबी सीजन की फसलों की वृद्धि के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो गया है। खरीफ मौसम में हुए नुकसान की भरपाई किसान रबी की फसल में करने का प्रयास करेंगे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि उचित देखभाल, सिंचाई और खाद प्रबंधन के साथ इस वर्ष का रबी मौसम भंडारा जिले के किसानों के लिए अधिक सफल और लाभकारी साबित हो सकता है।

किसानों को लाभ

भंडारा के प्रभारी जिला कृषि अधिकारी खुशाल गिदमारे ने कहा कि इस बार जमीन में पर्याप्त नमी और जल संसाधन उपलब्ध है। कृषि विभाग की ओर से चना, मका और गेहूं की फसलें बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे किसानों को अधिक उत्पादन और आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

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