प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: नवभारत) 
भंडारा

भंडारा: शहीद स्मारक का सौंदर्याकरण अधर में निधि के अभाव में 4.5 करोड़ की परियोजना अटकी

Bhandara Yojana News: भंडारा में 4.5 करोड़ की लागत से बनने वाला शहीद स्मारक दो साल बाद भी अधूरा है। प्रशासन की सुस्ती के कारण इस गणतंत्र दिवस पर भी शहीदों को अधूरे स्मारक में ही श्रद्धांजलि दी जाएगी।

रूपम सिंह

Bhandara Shaheed Smarak News: देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले शहीद सैनिकों की स्मृति में भंडारा शहर के शास्त्री चौक परिसर में शहीद स्मारक का निर्माण किया गया था। इस स्मारक एवं उद्यान के कायाकल्प और सौंदर्याकरण के लिए 1 सितंबर 2022 को दलित बस्ती सुधार योजना के अंतर्गत फंड को मंजूरी प्रदान की गई थी।

हालांकि, प्रशासनिक देरी और निधि की कमी के कारण करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप, पिछले दो वर्षों की तरह इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहीद जवानों को अधूरे स्मारक में ही श्रद्धांजलि अर्पित करनी पड़ेगी। इससे नागरिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों में नाराजगी देखी जा रही है।

2 चरणों में स्वीकृति, फिर भी धीमी गति

शास्त्री चौक स्थित इस उद्यान के सौंदर्गीकरण के लिए दलित बस्ती सुधार योजना के तहत पहले चरण में 3 करोड़ रुपये की निधि स्वीकृत की गई थी। इसके बाद 15 अक्टूबर 2024 को दूसरे चरण में 1.5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई। इस प्रकार कुल 4.5 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। परियोजना का कार्य 12 जनवरी 2023 से शुरू हुआ था। दूसरे चरण का कार्यादेश मिलने के बाद एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण होना अपेक्षित था, लेकिन तय अवधि बीतने के बावजूद स्मारक का काम पूरा नहीं हो सका।

60 प्रतिशत कार्य पूर्ण

नगर परिषद प्रशासन के अनुसार अब तक केवल लगभग 60 प्रतिशत सौंदर्याकरण कार्य ही पूरा हो पाया है। पहले चरण के कार्य में देरी होने के कारण दूसरे चरण पर भी असर पड़ा। ऐतिहासिक महत्व के इस स्मारक की उपेक्षा से प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन का आश्वासन

भंडारा नगर परिषद की नगराध्यक्षा मधुरा मदनकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी अड़चनों को दूर कर कार्य में तेजी लाने का आश्वासन दिया है। वहीं निर्माण विभाग की कनिष्ठ अभियंता धनश्री वंजारी ने शेष 40 प्रतिशत कार्य शीघ्र पूर्ण करने की बात कही है। परिसर तैयार न होने के कारण इस वर्ष भी अस्थायी व्यवस्था कर शहीदों को श्रद्धांजलि देनी पड़ेगी।

नेपाल के लिए भारत सरकार और विपक्ष एक, मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी-शाह को लिखा पत्र, हर संभव मदद देने की अपील

National Sports Day पर मेजर ध्यानचंद को नमन, PM मोदी वीडियो शेयर कर बोले- उनकी प्रतिभा पीढ़ियों को...

Explainer: क्या इस बार पास होगा EOS-5 मिशन? दो बार फेल हो चुका ISRO, भारत के लिए क्यों है इतना खास

लगातार मिल रही लाशों से मुर्दाघर हुए फुल, 250 शवों के लिए बनाया अस्थायी केंद्र, बहते शवों से गहने लूट रहे लोग

मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, जानें पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा क्यों है अहम