Bhandara Potholes Road: भंडारा शहर में बदहाल सड़कों से नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रशासन ने आनन-फानन में त्रिमूर्ति चौक से मुस्लिम लाइब्रेरी चौक मार्ग के गड्डों में गिट्टी और डामर डालकर मरम्मत का कार्य कराया। लेकिन यह अस्थायी मरम्मत यात्रियों के लिए राहत बनने के बजाय खतरा साबित हुई।
शनिवार सुबह इसी मार्ग पर एक आयशर ट्रक गड्ढे में धंस गया, जिससे लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा। शहर में भूमिगत सीवरेज परियोजना के तहत कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं। आरोप है कि कार्य पूरा होने के बाद सड़कों की समुचित मरम्मत नहीं की गई, जिससे वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंत्री के दौरे से पहले प्रशासन ने जल्दबाजी में गिट्टी और अधूरा डामर डालकर गड्डों को भरने का प्रयास किया, लेकिन यह मरम्मत कुछ ही घंटों में नाकाफी साबित हुई। शनिवार सुबह त्रिमूर्ति चौक से मुस्लिम लाइब्रेरी चौक के बीच से गुजर रहा एक मालवाहक आयशर ट्रक सड़क के धंसे हिस्से में फंस गया।चालक ने वाहन निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन ट्रक और अधिक धंसता चला गया। अंततः क्रेन की सहायता से कई घंटों की मशक्कत के बाद ट्रक को बाहर निकाला गया।
इस घटना के बाद सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भंडारा की पहचान अब 'गड्डों वाले शहर' के रूप में बनने लगी है। आए दिन किसी न किसी सड़क पर वाहन फंसने, फिसलने या दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नागरिको ने खराब सड़कों को लेकर कई बार आंदोलन और शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर परिषद और संबंधित विभाग ने स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उनका कहना है कि केवल मंत्रियों के दौरे के दौरान दिखावे के लिए की जाने वाली जल्दबाजी की मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रशासन से शहर की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।