Bhandara POSH Act Violation: कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम यानी पॉश एक्ट-2013 के नियमों का पालन न करने वाली संस्थाओं के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में भंडारा जिले में अब तक 108 सरकारी और 111 निजी समेत कुल 219 कार्यालयों की जांच की गई। नियमों का पालन न करने वाले 15 सरकारी और 17 निजी, यानी कुल 32 कार्यालयों को त्रुटियां सुधारने के लिए पहले 7 दिनों की मोहलत दी गई थी।
हालांकि, तय समय में सुधार न करने पर अब इन सभी 32 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी, निजी, अर्ध-सरकारी संस्थाओं, अस्पतालों, दुकानों और मॉल आदि में आंतरिक शिकायत समिति का गठन, केंद्र सरकार के शी-बॉक्स पोर्टल पर पंजीकरण, कर्मचारियों व समिति का प्रशिक्षण तथा वार्षिक रिपोर्ट अपडेट करना अनिवार्य है। जांच के दौरान लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संस्थाओं पर कानूनी कार्रवाई करते हुए 50,000 रुपये तक का जुर्माना ठोका जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जून 2026 से शुरू किए गए राज्यस्तरीय निरीक्षण अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने पर पूरे महाराष्ट्र में 672 सरकारी व निजी कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में कमियां पूरी न करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
विभाग के 4,000 से अधिक निरीक्षण अधिकारियों ने अब तक राज्य भर में 3,579 सरकारी और 3,296 निजी कंपनियों सहित कुल 6,875 प्रतिष्ठानों की जांच की है। जांच में पॉश एक्ट की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 294 सरकारी तथा 378 निजी कार्यालयों को जिला स्तर से नोटिस थमाए गए हैं।