नदी के किनारे मिला लापता टेलर का शव (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
भंडारा

नदी के किनारे मिला परसोडी के लापता टेलर का शव,आत्महत्या का कारण संदिग्ध

Suicide Case: भंडारा जिले में दो दिन से लापता टेलर दिलीप हटवार का शव रविवार को नदी किनारे मिला। पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है। जांच जारी है।

आंचल लोखंडे

Bhandara News: दो दिनों से लापता एक टेलर का शव रविवार की सुबह नदी के किनारे मिला। लगातार दो दिनों से चल रही खोजबीन के बाद यह मामला उजागर हुआ। मृतक का नाम परसोडी निवासी दिलीप दुधराम हटवार (45) है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। मिलनसार और नशामुक्त स्वभाव के इस व्यक्ति की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिलीप हटवार का शहापुर में कमल टेलर्स नाम से दुकान थी। हमेशा की तरह वह शुक्रवार को सुबह दुकान पर गए थे, लेकिन रात तक घर नहीं लौटे। देर रात तक - संपर्क न होने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। शनिवार की सुबह कोरंभी के नए बायपास पुल पर उनकी मोटरसाइकिल, मोबाइल और दुकान की चाबी बरामद हुई।

शव बरामद

इससे यह आशंका जताई गई कि उन्होंने पुल से नदी में छलांग लगाई होगी। घटना की जानकारी मिलते ही जवाहरनगर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय मछुआरों और नागरिकों की मदद से नदी में खोजबीन की गई, लेकिन रात तक कोई सुराग नहीं मिला। रविवार की सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया और लगभग साढ़े दस बजे नदी में दिलीप हटवार का शव बरामद हुआ। जवाहरनगर पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मर्ग दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

व्यवसाय में मंदी से परेशान होने की चर्चा

दिलीप हटवार अपने पीछे पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन यह चर्चा है कि हाल के दिनों में टेलरिंग व्यवसाय में आई मंदी के चलते वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया हो सकता है। परसोडी और शहापुर सहित आसपास के क्षेत्रों में इस घटना से शोक की लहर दौड़ गई है।

नेपाल के लिए भारत सरकार और विपक्ष एक, मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी-शाह को लिखा पत्र, हर संभव मदद देने की अपील

National Sports Day पर मेजर ध्यानचंद को नमन, PM मोदी वीडियो शेयर कर बोले- उनकी प्रतिभा पीढ़ियों को...

Explainer: क्या इस बार पास होगा EOS-5 मिशन? दो बार फेल हो चुका ISRO, भारत के लिए क्यों है इतना खास

लगातार मिल रही लाशों से मुर्दाघर हुए फुल, 250 शवों के लिए बनाया अस्थायी केंद्र, बहते शवों से गहने लूट रहे लोग

मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी, जानें पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा क्यों है अहम