Bhandara Maize Procurement (सोर्सः सोशल मीडिया) 
भंडारा

भंडारा में मक्का खरीदी अटकी, गोदाम की कमी और लिमिट संकट से किसान परेशान

Bhandara Maize Procurement: भंडारा जिले में मक्का खरीदी प्रक्रिया गोदामों की कमी, खरीदी लिमिट और केंद्रों की अनिश्चितता के कारण अटकी हुई है, जिससे किसानों में चिंता बढ़ गई है।

आंचल लोखंडे

Bhandara Maize Farmers Issue: भंडारा जिले में मक्का उत्पादक किसानों को सरकारी खरीदी शुरू होने का इंतजार है, लेकिन गोदाम और खरीदी लिमिट की समस्या के कारण प्रक्रिया फिलहाल अधर में लटकी हुई है। पणन विभाग की ओर से मक्का खरीदी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 6 अप्रैल से शुरू कर दी गई है, परंतु अब तक वास्तविक खरीदी प्रारंभ नहीं हो सकी है। इससे किसानों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

जिला मार्केटिंग फेडरेशन से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 6 केंद्रों पर मक्का बिक्री के लिए अब तक लगभग एक हजार किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। तहसीलों में खरीदी किस स्थान पर की जाएगी, इसका अंतिम निर्णय जिला आपूर्ति अधिकारी की ओर से अभी तक लिया जाना बाकी है। अभी तक खरीदी केंद्रों की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

गोदामों की कमी-सबसे बड़ी अड़चन

खरीदी प्रक्रिया शुरू होने में सबसे बड़ी अड़चन गोदामों की कमी बन रही है। जिला मार्केटिंग फेडरेशन को अब तक संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त गोदाम उपलब्ध नहीं हो सके हैं। जब तक भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक खरीदी शुरू होना मुश्किल माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गोदाम उपलब्ध होते ही महासंघ से 45 हजार क्विंटल मक्का खरीदी की लिमिट मांगी है, लेकिन अभी  तक लिमिट नहीं मिली है।

खरीदी प्रक्रिया की 3 मुख्य बाधाएं

  • केंद्रों की अनिश्चितता तहसीलों के नाम कागजों पर घोषित है, पर सटीक स्थान तय नहीं।
  • गोदामों का अकाल भंडारण के लिए पर्याप्त और सुरक्षित सरकारी जगहों की भारी कमी।
  • लिमिट का संकट मांग के मुकाबले कम मंजूरी की संभावना से किसानों में असमजस।

किसानों को रखना होगा धैर्य

गोदामों की उपलब्धता के लिए हम जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के निरंतर संपर्क में हैं। जैसे ही भंडारण की जगह सुनिश्चित होती है और महासंघ से लिमिट की मंजूरी मिलती है, हम तुरंत खरीदी केंद्र सक्रिय कर देंगे, किसानों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए- सुधीर पाटिल, जिला मार्केटिंग अधिकारी, भंडारा

जिले में 166 हेक्टेयर में मक्का की खेती

सूत्रों के अनुसार जिले में इतनी खरीदी होने की संभावना नहीं है। केवल 25 हजार क्विंटल तक मक्का खरीदी संभव लग रही है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष महज 166 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की गई है। किसानों का कहना है कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद खरीदी शुरू न होना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है। समय पर खरीदी नहीं होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब किसान गोदाम उपलब्ध कराने, खरीदी केंद्र तय करने और लिमिट मंजूर करने की मांग कर रहे है, ताकि जल्द से जल्द मक्का खरीदी शुरू हो सके।

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