प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
भंडारा

नेत्र संकलन में भंडारा अव्वल, युवाओं की बढ़ती भागीदारी; लक्ष्य से पहले 100% सफलता

Bhandara Eye Donation: भंडारा जिला अस्पताल के नेत्र संकलन केंद्र ने 2025–26 का लक्ष्य जनवरी में ही पूरा कर लिया। 10–15 मिनट में सुरक्षित संकलन कर कॉर्निया नागपुर भेजे जाते हैं।

अंकिता पटेल

Bhandara Cornea Collection: भंडारा जिला अस्पताल के नेत्र संकलन केंद्र के माध्यम से नेत्रदान आंदोलन को उल्लेखनीय गति मिली है। राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत वर्ष 1986 में स्थापित इस केंद्र ने जनजागरूकता और प्रत्यक्ष नेत्र संकलन में सराहनीय कार्य किया है।

अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि के लिए निर्धारित 45 नेत्र (कॉर्निया) संकलन के लक्ष्य को स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी माह में ही पूरा कर 100 प्रतिशत सफलता दर्ज की है।

पिछले वित्तीय वर्ष में 45 नेत्र संकलन के लक्ष्य के मुकाबले 46 संकलन कर 102 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई थी। इस वर्ष भी समय से पहले लक्ष्य प्राप्त करना केंद्र की सक्रियता को दर्शाता है, सूचना मिलते ही डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचती है। मात्र 10 से 15 मिनट में पूरी प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी की जाती है।

संकलित कॉर्निया नागपुर स्थित शासकीय नेत्र बैंक को भेजे जाते हैं, जहां से जरूरतमंद दृष्टिबाधित व्यक्तियों का प्रत्यारोपण किया जाता है। हर महीने 150 से 200 लोग नेत्रदान का संकल्प लेते हैं, जबकि वर्षभर में 2 से ढाई हजार लोग ऑनलाइन या प्रत्यक्ष पंजीकरण कराते हैं।

इसमें युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है। हालांकि केवल संकल्प लेना पर्याप्त नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद वास्तविक नेत्रदान होना आवश्यक है। लाखांदुर तहसील के विरली बुज स्थित ग्रामायण प्रतिष्ठान और आसगांव क्षेत्र में नेत्रदान की परंपरा देखने को मिलती है।

कई परिवारों ने अपने युवा पुत्रों को खोने के बाद भी उनके नेत्रदान कर आदर्श प्रस्तुत किया है। दो वर्ष की आयु पूरी कर चुका कोई भी व्यक्ति मृत्यु के बाद नेत्रदान कर सकता है।

नेत्रदान के प्रति बढ़ी लोगों के बीच जागरूकता

जिले में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है और जनवरी में ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संकल्प पत्र भरकर अंधत्व निवारण अभियान में भाग लेने की अपील की।

नेत्रदान समुपदेशक सोनाली लांबट ने बताया कि, समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए उनकी टीम लगातार कार्य कर रही है। सूचना मिलते ही कुछ ही मिनटों में टीम पहुंचकर 15 मिनट में पूरी प्रक्रिया संपन्न करती है।

-जिला शल्य चिकित्सक, डॉ. संदीप गजभिये

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