बस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
भंडारा

दिवाली में बस से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ी, ट्रैवल एजेंट वसूल रहे 3 गुना किराया

Bus Ticket Price Hike: भंडारा में दिवाली पर घर लौट रहे यात्रियों की जेब पर भारी बोझ। ट्रैवल एजेंटों ने टिकट दरें तीन गुना बढ़ाईं, मुंबई का किराया ₹800 से ₹2500 तक पहुंचा। प्रशासन मौन है।

आकाश मसने

Bus Fare: दिवाली की छुट्टियों के चलते ग्रामीण क्षेत्रों और शहर के नागरिक अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। नौकरी और पढ़ाई के लिए शहर से बाहर रहने वाले लोग भी घर वापसी कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर लोगों को ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिल रहा है, ऐसे में निजी ट्रैवल्स ही एकमात्र विकल्प बन गए हैं।

इस अवसर का फायदा उठाते हुए महाराष्ट्र के भंडारा में ट्रैवल एजेंटों ने टिकट के दाम तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं। सामान्य दिनों में मुंबई के लिए 800 रुपये का टिकट अब 2,500 रुपये तक पहुंच गया है।

पुणे के लिए 1,150 रुपये के टिकट का दाम 2,000 रुपये हो गया है। नजदीकी नागपुर जैसे शहरों के लिए भी स्थानीय यात्रा में 100 रुपये की जगह अब 300 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर और कोल्हापुर जैसे दूरस्थ मार्गों के टिकट के दाम तो चार गुना बढ़ गए हैं।

यात्रियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के दौरान भी टिकट के दाम अचानक बदल जाते हैं। कुछ यात्रियों को आरक्षित सीट दिखाई जाती है, लेकिन यात्रा के समय वह सीट नहीं मिलती। कई बार बस की जानकारी भी अपूर्ण होती है। सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक बीमा, वाहन जांच प्रमाणपत्र और चालक का लाइसेंस यात्रियों को सुनिश्चित नहीं कराया जाता।

क्या बोले यात्री?

यात्री पंकज नाकाडे ने कहा कि दिवाली के समय पुणे से भंडारा आने के लिए टिकट खोज रहा था। सामान्य टिकट का दाम अब चौगुना हो गया। ऑनलाइन टिकट लिया, लेकिन बस बदलने का कारण बताया गया और दूसरी सीट पर बैठाया गया। यात्री रमेश काले ने कहा कि दिवाली का त्योहार आनंददायक होता है, लेकिन यात्रा करते समय मन खट्टा हो जाता है। नाशिक जाने का टिकट आमतौर पर 800 रुपये का होता है, इस बार 2,500 रुपये में मिला। इतना किराया देने के बावजूद बस समय पर नहीं चली, सीट तय नहीं मिली और वाहन की स्थिति भी खराब थी। यात्रियों को केवल आमदनी का साधन समझा जाता है।

नियमन और शिकायत

सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी सतीश जाधव ने कहा कि दिवाली के समय निजी बसों को तय दर से अधिक किराया लेने से रोका गया है। शिकायत मिलने पर संबंधित ट्रैवल एजेंट पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि रसीद लें और अनियमित दर मिलने पर आरटीओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें।

नियम क्या कहते हैं?

महाराष्ट्र मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी भी यात्री वाहन को सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम किराए से अधिक भाड़ा नहीं लेना चाहिए। ऑनलाइन आरक्षण की रिकॉर्डिंग सटीक रखनी अनिवार्य है और यात्रियों को निश्चित सीट उपलब्ध कराना जरूरी है। यात्रा के दौरान सुरक्षा उपाय, बीमा और वाहन जांच प्रमाणपत्र अद्यतन होना आवश्यक है।

शिकायत कैसे करें?

उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय, भंडारा में लिखित या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ‘परिवहन सेवा शिकायत निवारण केंद्र’ की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। परिवहन विभाग की हेल्पलाइन नंबर 1800 22 8222 पर संपर्क किया जा सकता है।

निजी बसों पर आरटीओ की नजर

निजी बसों पर आरटीओ की कड़ी नजर है और महीने भर आकस्मिक जांच अभियान चलाया जा रहा है। यात्रियों से अतिरिक्त भाड़ा वसूलने की प्रवृत्ति रोकने के लिए, निजी बस मालिकों को प्रत्येक बस की प्रारंभिक स्थान से किलोमीटर के अनुसार अधिकतम किराया और हेल्पलाइन नंबर निर्धारित फार्मेट में लगाना अनिवार्य किया गया है। यह नोटिस विशेष रूप से बुकिंग कार्यालयों और बस स्टैंड पर लगाया जाएगा।

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