भंडारा कनेक्ट विथ कलेक्टर  (सोर्सः सोशल मीडिया)
भंडारा

प्रशासन भी बढ़ाएगा Gen-Z से संवाद, भंडारा में कनेक्ट विथ कलेक्टर कार्यक्रम, युवाओं ने खोला समस्याओं का पिटारा

Youth Problems In Bhandara: भंडारा में ‘कनेक्ट विथ कलेक्टर’ कार्यक्रम में युवाओं ने जिलाधिकारी सावन कुमार से सीधा संवाद किया। दूषित पानी, पुस्तकालय, बस स्टैंड और मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं उठाईं।

आंचल लोखंडे

Bhandara Connect With Collector: नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना और पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। युवाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता से लेते हुए संबंधित विभागों को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए, यह विश्वास जिलाधिकारी सावन कुमार ने 'कनेक्ट विथ कलेक्टर' कार्यक्रम में युवाओं को दिलाया।

सामाजिक न्याय विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को युवाओं का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। जेन-जी युवाओं ने जिलाधिकारी से सीधे संवाद करते हुए गांवों की समस्याएं, शैक्षणिक परेशानियां और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाएं रखी।

युवाओं ने किया सीधा संवाद

इस अवसर पर निवासी उपजिलाधिकारी मनोहर चव्हाण, जिला सूचना अधिकारी शैलजा वाघ-दांदले, सहायक आयुक्त आशा कवाडे, आपदा प्रबंधन अधिकारी अभिषेक नामदास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। जिले के विभिन्न गांवों से आए युवाओं ने बस स्टैंड पर बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

समस्याओं पर प्रशासन करेगा कार्रवाई

जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं मिलने से अधिक युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आने का अवसर मिलेगा। युवाओं की शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन संवेदनशीलता से काम करेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को नागरिकों के काम में अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश देने की बात कही। उन्होंने नागरिकों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी समस्याएं संबंधित विभाग के समक्ष रखने की अपील की।

नलों में दूषित पानी की समस्या उठाई

युवाओं ने बारिश के मौसम में ग्राम पंचायत के माध्यम से होने वाली पेयजल आपूर्ति में दूषित पानी आने की शिकायत भी की। इससे नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं ने पेयजल स्रोतों की नियमित जांच, जलशुद्धिकरण और पाइपलाइन व्यवस्था की निगरानी की मांग की, ताकि संक्रामक बीमारियों का खतरा कम हो।

जिले के हर गांव में पुस्तकालय की मांग

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक गांव में पुस्तकालय उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। युवाओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययन की बेहतर सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।

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