भंडारा जिलाधिकारी को शिवसेना ज्ञापन सौंपते हुए (सोर्स - फोटो नवभारत)  
भंडारा

भंडारा में बेला-सिरसी बायपास निर्माण की मांग तेज, शिवसेना ने मंत्री को भेजा ज्ञापन

Bhandara Traffice Congestion: भंडारा में भारी वाहनों से जाम और हादसों को रोकने के लिए शिवसेना (UBT) ने 6 साल से लंबित बेला-सिरसी बायपास का निर्माण तुरंत शुरू करने की मांग का ज्ञापन मंत्री को सौंपा।

केतकी मोडक

Bhandara Bela Sirsi Bypass Road Issue: भंडारा शहर की बढ़ती यातायात समस्या और लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने छह वर्ष पूर्व स्वीकृत बेला-सिरसी बायपास सड़क का निर्माण कार्य तत्काल शुरू करने की मांग की है। इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले को जिलाधिकारी भंडारा के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-6 भंडारा शहर से होकर गुजरता है।

तुमसर, तिरोड़ा स्थित अदानी पावर प्लांट तथा मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले भारी वाहनों का आवागमन भी शहर के भीतर से होता है। इसके कारण शहर में लगातार यातायात जाम की स्थिति बनी रहती है और सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है।

अतिरिक्त चक्कर से बचाव

ज्ञापन में कहा गया है कि बायपास सड़क बनने से तुमसर, तिरोड़ा, बालाघाट तथा मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले वाहनों का 4 से 5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर बच जाएगा और शहर में यातायात का दबाव भी कम होगा। ज्ञापन में हाल ही में हुई एक दुर्घटना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें अदानी कंपनी के एक टिप्पर ने शहर में एक मोटरसाइकिल सवार को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

शिवसेना ने कहा कि भंडारा शहर से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण इस प्रकार की दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। पार्टी ने सरकार से बेला-सिरसी बायपास सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने और जल्द से जल्द सड़क को नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस दौरान शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के जिला प्रमुख संजय रेहपाडे, तहसील प्रमुख तिलक सार्वे, शहर प्रमुख राकेश आग्रे, शहर संगठन प्रमुख प्रशांत देशमुख, मयूर जोशी, राजेश ठवकर, प्रकाश निनावे, प्रकाश गभणे, सोमेश्वर सेलोकर, नदीम शेख, राज वधवानी, शामराव मालखंडाले सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

5 करोड़ मंजूर, काम नहीं हुआ

  • इस समस्या के समाधान के लिए वर्ष 2020 में बेला से सिरसी तक बायपास सड़क को मंजूरी दी गई थी, ताकि भारी वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जा सके और शहर के यातायात पर दबाव कम हो।
  • तत्कालीन राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 3 करोड़ रुपये तथा सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये, कुल 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। हालांकि, छह वर्ष बीत जाने के बावजूद परियोजना पर एक रुपये भी खर्च नहीं किया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।

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