प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
भंडारा

ऑटो कहां खड़े करें? भंडारा में ऑटो बढ़े, स्टैंड नहीं, यातायात पर संकट; ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

Bhandara Traffic Issue: भंडारा शहर में एक भी अधिकृत ऑटो स्टैंड नहीं है। सड़क किनारे खड़े ऑटो से यातायात बाधित हो रहा है और चालकों व यात्रियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अंकिता पटेल

Bhandara Urban Transport: भंडारा शहर में ऑटो रिक्शा चालकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन इसके अनुपात में मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया है। शहर में आज की स्थिति में एक भी अधिकृत ऑटो रिक्शा स्टैंड उपलब्ध नहीं है।

परिणामस्वरूप ऑटो रिक्शा चालकों को सड़क किनारे या जहां जगह मिले वहीं वाहन खड़ा कर यात्रियों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और चालकों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में ऑटो रिक्शा स्टैंड न होने के कारण चालकों के सामने यह प्रश्न लगातार खड़ा रहता है कि वे अपनी रिक्शा कहां खड़ी करें। प्रशासन की ओर से अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ऑटो रिक्शा चालकों का कहना है कि यदि शहर के प्रमुख स्थानों पर निर्धारित स्टैंड बनाए जाएं तो यातायात सुचारु होगा और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

भंडारा शहर में जिला कलेक्टर कार्यालय से लेकर पोस्ट ऑफिस चौक तक के मार्ग पर केंद्रीय बस अड्डा स्थित है, यहां दिनभर ऑटो रिक्शा चालकों की भीड़ देखी जाती है, मनमाने ढंग से किराया वसूलने की घटनाएं बढ़ने से यात्रियों में असंतोष है।

कई बार मजबूरी में यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ता है, जिससे आम जनता का आर्थिक शोषण हो रहा है। नागरिकों का कहना है कि ऐसे मनमाने और नियमों की अनदेखी करने वाले ऑटो रिक्शा चालकों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

रिक्शा खड़ा करें तो कहां?

ऑटो रिक्शा चालकों के लिए यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। त्रिमूर्ति चौक क्षेत्र, मुस्लिम लाइब्रेरी चौक, राजीव गांधी चौक, जिला परिषद चौक, गांधी चौक और शास्त्री चौक जैसे प्रमुख इलाकों में ऑटो रिक्शा चालक इधर-उधर खड़े नजर आते है। यात्रियों को आकर्षित करने के लिए कई चालक पूरे दिन बस अड्डे के सामने और आसपास की सड़कों पर चक्कर लगाते रहते हैं।

इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशका भी बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि प्रशासन की ओर से शहर के प्रमुख चौकों और बस अड्डे के पास अधिकृत ऑटो रिक्शा स्टैंड विकसित किए जाएं, तो अव्यवस्था पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

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