Beed Police Recruitment Death (फोटो क्रेडिट-X) 
बीड

Beed News: दौड़ में आया अव्वल, पर जिंदगी की जंग हारा, पुलिस भर्ती में दौड़ते ही युवक की मौत

Beed Police Recruitment: बीड में पुलिस भर्ती के दौरान 26 वर्षीय दीपक वाव्हले की 1600 मीटर दौड़ पूरी करने के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

अनिल सिंह

Police Recruitment Death: महाराष्ट्र के बीड जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां खाकी वर्दी पहनने का जुनून एक होनहार युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। राज्यभर में जारी पुलिस भर्ती प्रक्रिया के दौरान, 1600 मीटर की दौड़ सफलतापूर्वक पूरी करने के महज कुछ ही मिनटों बाद एक 26 वर्षीय उम्मीदवार की दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से मृत्यु हो गई। इस घटना ने न केवल भर्ती मैदान में मौजूद अन्य उम्मीदवारों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि युवाओं में बढ़ते साइलेंट अटैक और भर्ती के दौरान शारीरिक तनाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक युवक की पहचान दीपक भास्कर वाव्हले के रूप में हुई है, जो अपनी जीत का जश्न भी नहीं मना सका।

पुणे में रिक्शा चलाकर देखा था 'खाकी' का सपना

परली तालुका के मांडखेल गांव का रहने वाला दीपक अपने परिवार की उम्मीदों का इकलौता सहारा था। वह पुणे की सड़कों पर रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करता था, लेकिन मन में पुलिस अफसर बनने की अटूट चाहत थी। इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए वह दो महीने पहले गांव लौटा और दिन-रात कड़ी मेहनत शुरू कर दी। बुधवार को जब भर्ती प्रक्रिया का पहला दिन था, दीपक पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरा। उसने न केवल अपनी दौड़ पूरी की, बल्कि पूरी स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो उसकी मेहनत का प्रमाण था।

दौड़ पूरी होते ही समय ने दिया धोखा

दोपहर करीब 12:55 बजे जब दीपक ने फिनिश लाइन पार की, तो उसे सांस लेने में तकलीफ हुई और वह अचानक जमीन पर गिर पड़ा। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और मेडिकल टीम ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया और मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया। दीपक की इस असामयिक मृत्यु से भर्ती स्थल पर सन्नाटा पसर गया और उसके साथ अभ्यास करने वाले युवाओं की आँखें नम हो गईं।

इकलौते चिराग की मौत से बुझ गईं उम्मीदें

दीपक का परिवार गरीबी से जूझ रहा है; उसके पिता गन्ने के ट्रैक्टर पर मजदूरी करते हैं और माँ खेतों में काम करती है। परिवार को उम्मीद थी कि दीपक पुलिस में भर्ती होकर उनकी दरिद्रता दूर करेगा, लेकिन अब इस इकलौते बेटे के जाने से घर का चिराग बुझ गया है। मांडखेल गांव में इस समय मातम पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक शारीरिक श्रम और गर्मी के कारण हृदय पर पड़ने वाला दबाव अक्सर ऐसी घटनाओं का कारण बनता है। पुलिस प्रशासन ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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