यशश्री मुंडे राजनीति में उतरी (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
बीड

गोपीनाथ मुंडे की तीसरी बेटी ने भी राजनीति में रखा कदम, चुनाव के लिए भरा नामांकन

Yashashree Munde entry into politics: दिवंगत भारतीय जनता पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के परिवार का राजनीति में बड़ा इतिहास रहा है। इसे आगे बढ़ाने अब उनकी तीसरी बेटी भी आगे आई है।

प्रिया जैस

Yashashree Munde entry into politics: दिवंगत भारतीय जनता पार्टी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की अब तीसरी बेटी भी लगता है राजनीति में कदम रखने जा रही है। गोपीनाथ मुंडे की तीसरी बेटी यशश्री मुंडे अपनी बहन पंकजा मुंडे की तरह अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने जा रही है।

ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यशश्री मुंडे ने बीड में वैद्यनाथ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक चुनाव के लिए आखिरी दिन 11 जुलाई को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। यशश्री मुंडे के साथ ही पूर्व सांसद प्रीतम मुंडे भी चुनावी मैदान में उतरी हैं। पंकजा मुंडे और प्रीतम मुंडे के बाद, मुंडे परिवार की तीसरी बेटी यशश्री मुंडे भी चुनावी मैदान में उतर गई हैं।

71 उम्मीदवारों ने दाखिल किए आवेदन

यशश्री मुंडे ने वैद्यनाथ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक चुनाव के लिए अपना आवेदन दाखिल कर दिया है। परली वैद्यनाथ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के निदेशक मंडल के चुनाव के लिए आवेदन दाखिल करने के आखिरी दिन, उनकी बहनों, पूर्व सांसद डॉ. प्रीतम मुंडे और यशश्री मुंडे सहित 71 उम्मीदवारों ने अपने आवेदन दाखिल किए हैं। इस चुनाव के दौरान यशश्री मुंडे पहली बार बैंक चुनाव के लिए चुनावी मैदान में नज़र आएंगी। नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई तक की जाएगी। वहीं चुनाव से नाम वापस लेने की अवधि 15 से 19 जुलाई तक है, और उसके बाद ही तस्वीर साफ होगी। चुनाव के बारे में बात करें तो यह चुनाव कुल 17 सीटों के लिए हो रहा है, और 10 अगस्त को मतदान और 12 तारीख को मतगणना होगी। इस चुनाव के अवसर पर दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की तीसरी बेटी का पदार्पण हो रहा है।

पेशे से वकील है यशश्री

यशश्री के इस कदम से अब ये साफ हो गया है कि गोपीनाथ मुंडे की तीसरी बेटी ने भी राजनीति की सीढ़ी चढ़नी शुरू कर दी है। बता दें, कि यशश्री मुंडे पेशे से वकील हैं। कुछ साल पहले, उन्हें अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय द्वारा 'होनहार एशियाई छात्र' के रूप में भी सम्मानित किया गया था। कॉर्नेल विश्वविद्यालय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 5 विश्वविद्यालयों में से एक है। इस विश्वविद्यालय में दुनिया के केवल 11 प्रतिशत छात्र ही प्रवेश पाते हैं।

पंकजा मुंडे और प्रीतम मुंडे दोनों ने मराठी माध्यम से शिक्षा प्राप्त की थी। जबकि यशश्री ने अपनी शिक्षा एक अंग्रेजी स्कूल से पूरी की। इतने सालों तक, वह राजनीति से कुछ हद तक दूर ही रहीं। लेकिन, अब जबकि वैद्यनाथ शहरी सहकारी बैंक चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल हो चुके हैं, इस चुनाव के अवसर पर यशश्री आगे आई है।

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