Akola Double Suicide Incident: अकोला जिले के बार्शीटाकली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दो व्यक्तियों द्वारा एक ही रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। दोनों मृतक कई दिनों से घर से लापता बताए जा रहे थे। मामले में मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान किशोर सोनटक्के निवासी कानडी, तहसील मुर्तिजापुर, जिला अकोला तथा किशोर बोडखे (60) निवासी वरुड, तहसील मंगरुलपीर, जिला वाशिम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों 9 मई से अपने घरों से लापता थे, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की थी। परिजन लगातार संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन दोनों का कोई पता नहीं चल सका।
घटना में नया मोड़ तब आया, जब 10 मई को मृतक किशोर सोनटक्के के भतीजे रोहन महल्ले, निवासी शेलू खुर्द, तहसील बार्शीटाकली के मोबाइल फोन पर व्हॉट्सऐप के माध्यम से एक चिट्ठी प्राप्त हुई। इस पत्र में कथित तौर पर आत्महत्या करने का उल्लेख किया गया था। संदेश मिलने के बाद परिजनों में चिंता बढ़ गई और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
इसके बाद पुलिस और परिजनों द्वारा तलाश अभियान चलाया गया। खोजबीन के दौरान दोनों मृतक महान स्थित बांध के समीप बिहाड माथा खेत-खलिहान के जंगल क्षेत्र में एक नीम के पेड़ से एक ही रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटके हुए पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस जांच के दौरान मृतक किशोर सोनटक्के के कपड़ों से एक कथित चिट्ठी बरामद हुई। इस पत्र में लिखा गया था कि नीलेश चौधरी और पूजा चौधरी द्वारा दी जा रही मानसिक प्रताड़ना, धमकियों और कथित छेड़छाड़ से परेशान होकर वे यह कदम उठा रहे हैं। चिट्ठी में दोनों व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बार्शीटाकली पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नीलेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। पूजा चौधरी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस को जांच के दौरान मृतकों के परिजनों से कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा व्हॉट्सऐप पर भेजी गई कथित सुसाइड नोट भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। पुलिस इन सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सके।
इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी, उपविभागीय पुलिस अधिकारी वैशाली मुले, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक शंकर शेलके और थानेदार प्रवीण धुमाल के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ रही है। मामले की प्रत्यक्ष जांच पुलिस उपनिरीक्षक बालू पवार कर रहे हैं।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। बरामद सुसाइड नोट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों और आरोपों की सत्यता की गहराई से जांच में जुटी है।