Chhatrapati Sambhajinagar Infrastructure Projects: छत्रपति संभाजीनगर शहर के महानगर क्षेत्र के नियोजित विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित बैठक में वालूज क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण, सरकारी भूमि हस्तांतरण तथा सिडको के माध्यम से वित्त जुटाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में विकास योजनाओं में संशोधन की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से एमआरटीपी कानून के तहत कुछ अधिकार महानगर आयुक्त और कार्यकारी समिति को सौंपने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद जताई गई बैठक में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के अलावा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, जिले के पालक मंत्री संजय शिरसाट, राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी, पीएमआरडीए के महानगर आयुक्त तथा सीईओ डॉ. अभिजीत चौधरी, विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, महापौर समीर राजूरकर, जिला परिषद अध्यक्ष अविनाश गलांडे, शहर के पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, मनपा स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिए सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया और अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
भूमि अधिग्रहण और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। संभाजीनगर महानगर क्षेत्र के लिए दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, जिससे दीर्घकालीन विकास की दिशा तय हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ पदों पर रिक्तियों को अस्थायी रूप से सेवानिवृत्त अधिकारियों के माध्यम से भरा जा सकेगा।
बैठक में वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट तथा 2026-27 के बजट को मंजूरी प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण की आय में वृद्धि हो रही है और आगामी वर्ष के लिए संतुलित बजट तैयार किया गया है। महानगर आयुक्त के वित्तीय अधिकार बढ़ाने पर भी सहमति बनी, ताकि परियोजनाओं से जुड़े निर्णय शीघ्र लिए जा सके। बैठक में महानगर क्षेत्र के संतुलित और सतत विकास के लिए नीतिगत फैसलों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। साथ ही, अनियमित भूखंडों के नियमितीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर भी कार्यवाही जारी होने की जानकारी दी गई। पिछले निर्णयों की समीक्षा कर उनके क्रियान्वयन की स्थिति भी प्रस्तुत की गई।