Uday Samant Statement: छत्रपति संभाजीनगर में राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा है कि मध्य पूर्व देशों में जारी युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन संकट की स्थिति बनी हुई है और इसका असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है । उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कोई कृत्रिम संकट नहीं है । इसलिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनावश्यक आरोप लगाना उचित नहीं है । ऐसे समय में सभी को देश के साथ खड़ा रहना चाहिए और इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए ।
शुक्रवार को छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सामंत ने कहा कि केंद्र सरकार सक्रिय रूप से स्थिति पर नज़र रखे हुए है और संकट से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है । उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि आंदोलन जैसी स्थिति उत्पन्न ही न हो ।
राष्ट्रवादी कांग्रेस नेता हसन मुश्रीफ द्वारा शिवसेना नेता और मंत्री संजय शिरसाट के बयान को लेकर नाराजगी जताने के मुद्दे पर भी उदय सामंत ने प्रतिक्रिया दी । उन्होंने कहा कि कई बार नेता व्यक्तिगत स्तर पर बयान देते हैं और वह हमेशा पार्टी की आधिकारिक भूमिका नहीं होती । पार्टी की अधिकृत भूमिका तभी मानी जाती है जब नेतृत्व की ओर से निर्देश दिए जाते हैं ।
सामंत ने कहा कि महायुति के तीनों घटक दलों के बीच समन्वय समिति में यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी सहयोगी दल या उसके नेताओं के बारे में सार्वजनिक बयान देने से पहले आपसी चर्चा और अनुमति आवश्यक होगी । उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस महायुति का सहयोगी दल है और उसकी छवि खराब करना किसी का उद्देश्य नहीं है ।
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मंत्री उदय सामंत ने मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल के उपोषण आंदोलन की घोषणा पर भी प्रतिक्रिया दी । उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने मराठा समाज के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं । साथ ही सरकार इस बात का भी ध्यान रख रही है कि ओबीसी आरक्षण को कोई नुकसान न पहुंचे ।
उन्होंने कहा कि यदि मनोज जरांगे पाटील को किसी प्रकार की त्रुटि या अन्याय महसूस होता है । तो विधायक प्रसाद लाड उनकी मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से चर्चा कराएंगे । बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा ।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट