Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर शहर के चौराहों, ट्रैफिक सिग्नलों व सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षा मांगकर जीवनयापन करने वाले 200 लोगों का केंद्र सरकार की 'स्माइल' योजना के तहत पुनर्वास किया जाएगा। यही नहीं, उन्हें कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 48 लाख, 70,000 रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
मनपा की अतिरिक्त आयुक्त कल्पिता पिंपले ने बताया कि सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित संस्था लाभार्थियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी संभालेगी। उनके पालन-पोषण, प्रशिक्षण व आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पूरे उपक्रम के लिए केंद्र सरकार 48।70 लाख रुपये की निधि उपलब्ध कराएगी।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में भिक्षावृत्ति करने वालों की बढ़ती संख्या को देखकर केंद्र ने देश के कुछ चुनिंदा शहरों में यह योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें छत्रपति संभाजीनगर का भी चयन किया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए मनपा ने 'उम्मीद' संस्था को नियुक्त किया है। संस्था की ओर से भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों का सर्वे कर उनकी सामाजिक, आर्थिक व पारिवारिक जानकारी एकत्र की जा रही है।
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योजना के पहले चरण में भिक्षावृत्ति करने वालों की वास्तविक संख्या, उनकी जीवन परिस्थितियां, परिवार की स्थिति, शिक्षा स्तर व आय के साधनों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग पुनर्वास योजना तैयार की जाएगी। प्रशासन के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शहर में करीब 200 लोग भिक्षावृत्ति से जुड़े हुए है। पुनर्वास प्रक्रिया में आर्थिक सहायता के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
लाभार्थियों की क्षमता व रुचि के अनुसार उन्हें विभिन्न कौशल प्रशिक्षण, लघु उद्योग, स्वरोजगार के अवसर व परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उन्हें लंबे समय तक स्थायी रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी प्रशासन का मानना है कि भिक्षावृति केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या भी है।
शिक्षा, रोजगार व कौशल विकास के अवसरों की कमी के चलते कई लोग इस स्थिति में पहुंच जाते हैं। 'स्माइल' योजना के जरिए ऐसे लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार व स्वरोजगार के मौके उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।