Sambhajinagar Main Water Pipeline Leakage: छत्रपति संभाजीनगर शहर के मध्य क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति करने वाली मुख्य जलवाहिनी के सिद्धार्थ उद्यान के सामने स्थित नाले में जर्जर हो चुके हिस्से को महानगरपालिका के जलापूर्ति विभाग ने बदल दिया है। बार-बार रिसाव की समस्या से जूझ रही 750 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन का लगभग 40 फुट लंबा हिस्सा हटाकर वहां नया पाइप स्थापित किया गया। शनिवार सुबह शुरू हुआ यह कार्य देर रात तक जारी रहा। इस दौरान जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति निर्धारित समय पर नहीं हो सकी।
नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशुद्धीकरण केंद्र से रेलवे स्टेशन मार्ग होते हुए जुबली पार्क जलकुंभ तक यह मुख्य जलवाहिनी बिछाई गई है। इसी पाइपलाइन के माध्यम से भड़कल गेट, मिल कॉर्नर, बुद्धी लाइन, बेगमपुरा, पहाड़सिंहपुरा, नंदनवन कॉलोनी, भावसिंहपुरा, पडेगांव और हनुमान टेकड़ी सहित कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
हनुमान टेकड़ी स्थित जलकुंभ को समय पर नहीं भरा जा सका। इसके कारण हनुमान टेकड़ी, बेगमपुरा, पहाड़सिहपुरा और जयसिंहपुरा क्षेत्रों में जलापूर्ति का अंतराल और बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार इन क्षेत्रों के नागरिकों को अब दो दिन बाद पानी उपलब्ध हो सकेगा, जलापूर्ति विभाग का मानना है कि जर्जर पाइपलाइन को बदलने से बार-बार होने वाले रिसाव, पानी की बर्बादी और आपूर्ति में आने वाली बाधाओं से राहत मिलेगी। साथ ही शहर के मध्य क्षेत्र में पेयजल वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाने में भी यह कार्य महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे आने वाले समय में नागरिकों को बेहतर और नियमित जलापूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
जलापूर्ति विभाग के अनुसार, सिद्धार्थ उद्यान के सामने नाले से गुजरने वाली पाइपलाइन के हिस्से में पिछले कई वर्षों से लगातार रिसाव हो रहा था। नाले में जमा पानी और गैसों के प्रभाव से पाइप का बाहरी आवरण बुरी तरह जंग खा गया था। विभाग द्वारा समय-समय पर मरम्मत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया जाता रहा, लेकिन पाइप का धातु भाग कमजोर होने के कारण रिसाव की समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने अस्थायी मरम्मत के बजाय क्षतिग्रस्त हिस्से को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया। लगभग दो महीने पहले भी इसी जलवाहिनी के कुछ हिस्सों को बदला गया था। शनिवार को शेष बचा जर्जर भाग भी बदल दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, पाइपलाइन बदलने का कार्य सुबह सात बजे शुरू हुआ और रात करीब दो बजे तक जारी रहा, नए पाइप की स्थापना के बाद मुख्य जलवाहिनी से उसकी जोड़ाई की गई तथा तकनीकी परीक्षण भी किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्य से भविष्य में होने वाले रिसाव पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और जलापूर्ति व्यवस्था अधिक सुचारु होगी, जलापूर्ति विभाग के उपअभियंता किरण धांडे ने बताया कि नाले में लगातार नमी और जंग के कारण पाइपलाइन का संबंधित हिस्सा पूरी तरह खराब हो चुका था। इसी कारण बार-बार मरम्मत करने के बजाय उसे बदलने का निर्णय लिया गया।
मुख्य जलवाहिनी बदलने के कार्य का असर शहर के कई क्षेत्रों की जलापूर्ति पर पड़ा। नंदनवन कॉलोनी, बेगमपुरा, विद्युत कॉलोनी, टिंबर गली और हनुमान टेकड़ी क्षेत्र में निर्धारित दिन पर पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। इसके चलते इन क्षेत्रों की जलापूर्ति एक दिन आगे बढ़ा दी गई है।