सभा के दौरान फोटो (सोर्स: फाइल फोटो) 
औरंगाबाद

शिवसेना का गढ कहना है तो संगठन मजबूत करें, मंत्री उदय सामंत ने संभाजीनगर में पदाधिकारियों को लगाई फटकार

Shivsena Organization Review: मंत्री उदय सामंत और सांसद राहुल शेवाले ने पदाधिकारियों को 15 दिनों में संगठनात्मक लक्ष्य पूरा करने की चेतावनी दी। गुटबाजी खत्म करने और तकनीक पर जोर देने के निर्देश।

गोरक्ष पोफली

Shivsena Sambhajinagar Review Meeting: शिवसेना के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद, अधूरे संगठनात्मक कार्य और मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की धीमी गति को लेकर राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने स्थानीय पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अलग-अलग गुट बनाकर राजनीति करने से संगठन कमजोर हो रहा है। यदि संभाजीनगर को शिवसेना का मजबूत गढ़ कहा जाता है, तो पार्टी को चुनावी परिणामों में भी वह ताकत दिखाई देनी चाहिए।

संत एकनाथ नाट्यगृह में गुरुवार को आयोजित बीएलए-1 और बीएलए-2 नियुक्ति समीक्षा बैठक में बोलते हुए सामंत ने कहा कि जिला परिषद, महानगरपालिका और अन्य चुनावों में पार्टी दूसरे स्थान पर पहुंच रही है। ऐसे में आत्ममंथन करना समय की जरूरत है। बैठक में पालकमंत्री संजय शिरसाट, पार्टी के संपर्क प्रमुख विलास पारकर, सांसद संदीप भुमरे, जिला प्रमुख तथा उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

बंद कमरों की राजनीति बंद करने की नसीहत

बैठक के दौरान राजेंद्र जंजाल ने कुछ मुद्दों पर बंद कमरे में चर्चा करने की मांग रखी। इस पर उदय सामंत ने अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय गुटबाजी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक बंद कमरों में बैठकर राजनीति होती रहेगी, तब तक संगठन मजबूत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संभाजीनगर में कई पदाधिकारी भ्रम की स्थिति में हैं और इस कारण संगठनात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सामंत ने संपर्क प्रमुख विलास पारकर को भी स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।

मुस्लिम बहुल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

बैठक में जानकारी दी गई कि पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 61 प्रतिशत, मध्य क्षेत्र में 50 प्रतिशत और पूर्व विधानसभा क्षेत्र में केवल 25 प्रतिशत बीएलए नियुक्तियां पूरी हुई हैं। कुछ पदाधिकारियों ने मुस्लिम बहुल इलाकों में नियुक्तियों के दौरान कठिनाइयों की बात कही। इस पर सांसद राहुल शेवाले ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में संदिग्ध अथवा दोहरे मतदाता नाम होने की संभावना अधिक है, वहां विशेष रूप से सक्रिय रहना होगा।

15 दिनों में 90 प्रतिशत काम पूरा करने का अल्टीमेटम

सांसद राहुल शेवाले ने एसआईआर अभियान की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अगले 15 दिनों के भीतर 90 प्रतिशत से अधिक बीएलए नियुक्तियां पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के नाम संगठन की सूची से हटाए जा सकते हैं। वहीं सांसद संदीप भुमरे ने भरोसा दिलाया कि आगामी 15 दिनों में सभी लंबित नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी और संगठनात्मक कार्यों में तेजी लाई जाएगी।

अतिक्रमण के मुद्दे पर आक्रमक होने की पालकमंत्री की सलाह

बैठक में पालकमंत्री संजय शिरसाट ने पार्टी पदाधिकारियों और नगरसेवकों को अतिक्रमण के मुद्दे पर खुलकर आक्रामक भूमिका अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनपा में हिंदुत्व की विचारधारा शिवसेना ने स्थापित की है और उसे कायम रखना जरूरी है।

शिरसाट ने कहा कि विरोधियों को खुली चुनौती दी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी क्षेत्रों में अतिक्रमण अधिक है और वहां कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। यदि विरोधियों की चुनौती का जवाब दिया गया तो वे स्वयं पीछे हट जाएंगे।

तकनीक के माध्यम से संगठन मजबूत करने पर जोर

संजय शिरसाट ने संगठन को अधिक सक्रिय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने राजेंद्र जंजाल को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद करें। शिरसाट ने कहा कि कई राजनीतिक दल मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण और जानकारी दे रहे हैं। शिवसेना को भी उसी गति से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद से आने वाले कुछ नेताओं के माध्यम से शहर में संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो रही हैं और शिवसेना को इस चुनौती का मुकाबला पूरी ताकत के साथ करना होगा।

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