Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर में गहराते जल संकट ने अब राजनीतिक स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। गारखेड़ा क्षेत्र में पानी आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच तनातनी बढ़ गई। गुरुवार देर रात पुंडलिकनगर क्षेत्र में निर्धारित समय पर पानी नहीं पहुंचने से नाराज भाजपा नगरसेवक अशोक दामले ने स्थानीय नागरिकों के साथ जलटंकी पर धरना आंदोलन शुरू कर दिया।
देर रात प्रशासन द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद मामला शांत हुआ। जिले में अब तक अच्छी बारिश नहीं होने और जलस्त्रोतों का स्तर लगातार घटने के कारण प्रशासन को विभिन्न क्षेत्रों में पानी वितरण का समय बार-बार बदलना पड़ रहा है।
इसी क्रम में शहर के उपमहापौर राजेंद्र जंजाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर गारखेड़ा क्षेत्र के लिए नई व्यवस्था बनाई। बताया जाता है कि रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच पानी आपूर्ति नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।
गुरुवार रात पुंडलिकनगर क्षेत्र में पानी आने का समय निर्धारित था, लेकिन आपूर्ति बंद रहने से नागरिकों में नाराजगी फैल गई। नगरसेवक अशोक दामले ने अधिकारियों से संपर्क किया, जहां उन्हें बदले हुए समय की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने समर्थकों और नागरिकों के साथ सीधे जलटंकी पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि पानी मिलने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
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स्थिति बिगड़ती देख महापौर समीर राजूरकर और वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद देर रात पुंडलिकनगर क्षेत्र में पानी की आपूर्ति शुरू की गई, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ प्रभाग क्रमांक 27 में नई पाइपलाइन के कार्य को लेकर भी भाजपा और शिवसेना के बीच श्रेय की राजनीति सामने आई है। भाजपा नगरसेवक राजू वैद्य और शिवसेना के स्वीकृत सदस्य शुभम काले दोनों ने इस कार्य को अपने प्रयासों का परिणाम बताया।
इसे लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस की चर्चा है। शहर के जलभंडार तेजी से घट रहे है, जिसके कारण प्रशासन को बार-बार पानी वितरण का समय बदलना पड़ रहा है। इन बदलावों का असर केवल नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों पर भी पड़ रहा है। इसके चलते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जानकारों का मानना है कि यदि मानसून के आगमन में और देरी हुई तो पानी का संकट और गहराएगा तथा इसे लेकर राजनीतिक संघर्ष भी और अधिक तीव्र हो सकता है।