Sambhajinagar Police Industry Coordination Security: जिले के शेंद्रा, बिडकीन, करमाड और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निवेश के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को शेंद्रा स्थित ऑरिक हॉल (डीएमआईसी) में उद्योग-पुलिस समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण पुलिस अब केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने की बजाय निवारक पुलिस व्यवस्था पर विशेष जोर देगी। उद्योगों की सुरक्षा, श्रमिकों की सुरक्षा और निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस और उद्योग जगत के बीच सतत समन्वय स्थापित किया जाएगा।
बैठक में 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि, राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निदेशक, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संयंत्र प्रमुख, सुरक्षा अधिकारी, औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी, एमआईडीसी, ऑरिक तथा विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव, डीवायएसपी पूजा नांगरे तथा चिकलथाना, करमाड, बिडकीन और पैठण पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारी भी मौजूद थे।
पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव ने कहा कि औद्योगिक विकास और कानून व्यवस्था एक-दूसरे के पूरक हैं। किसी भी घटना के घटित होने की प्रतीक्षा करने के बजाय उसके कारणों की पहले से पहचान कर प्रभावी रोकथाम की जाएगी। उद्योगों के साथ नियमित संवाद बनाए रखते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित उद्योग और सुरक्षित श्रमिक ही क्षेत्र के आर्थिक विकास की मजबूत नींव हैं।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते यातायात को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न की सुविधा विकसित करने, लेन अनुशासन को सख्ती से लागू करने, आवश्यक स्थानों पर यातायात संकेतक लगाने, विशेषज्ञ समिति के माध्यम से स्पीड ब्रेकर निर्धारित करने, यातायात वार्डन नियुक्त करने तथा शिफ्ट परिवर्तन के समय होने वाले जाम को कम करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
केंब्रिज चौक, चित्तेगांव चौक, शेंद्रा प्रवेश द्वार तथा रैडिको कंपनी के आसपास ट्रकों की अव्यवस्थित पार्किंग से उत्पन्न समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। इसके अलावा गेवराई तांडा क्षेत्र को दुर्घटना संभावित क्षेत्र मानते हुए वहां अलग कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रत्येक उद्योग में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, पर्याप्त अवधि तक वीडियो सुरक्षित रखने तथा संबंधित पुलिस थाने को आवश्यकतानुसार सीधा तकनीकी संपर्क उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली लागू करने, कबाड़ चोरी, अवैध प्रवेश तथा वाहन चोरी रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस प्रशासन ने सभी स्थानीय एवं बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकों का चरित्र सत्यापन शीघ्र पूरा करने, उनका पूरा विवरण संबंधित पुलिस थाने के साथ साझा करने तथा नियमित अभिलेख बनाए रखने के निर्देश दिए। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रात्रिकालीन शिफ्ट में विशेष पुलिस गश्त, आवश्यकता पड़ने पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा किसी भी घटना की स्थिति में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में साइबर अपराधों से उद्योगों की सुरक्षा, औद्योगिक क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, अंधेरे क्षेत्रों की पहचान, बंद उद्योगों की सुरक्षा, अवैध वसूली की शिकायतों पर कार्रवाई, मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान तथा उद्योगों में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए संयुक्त कार्ययोजना बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
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उद्योगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक माह उद्योग-पुलिस समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। उद्योग परिसरों का संयुक्त निरीक्षण भी नियमित रूप से किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव ने शेंद्रा औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग पुलिस थाना स्थापित करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।
बैठक में उपस्थित उद्योग प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन की सकारात्मक और उद्योग हितैषी पहल का स्वागत करते हुए यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, महिला संरक्षण, साइबर अपराध रोकथाम, सीसीटीवी नेटवर्क और श्रमिक सत्यापन जैसे विषयों पर पूर्ण सहयोग देने का भरोसा जताया।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट