Sambhajinagar RTO Inspector Transfer: छत्रपति संभाजीनगर शहर में स्थित प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में छह सहायक मोटर वाहन निरीक्षकों का हाल ही में प्रशासनिक तबादला कर दिया गया है। हालांकि विभाग की 40 प्रश पद रिक्त रखने की अलिखित नीति के कारण इन अधिकारियों के स्थान पर नई नियुक्तियां होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे आरटीओ कार्यालय पर अब काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ने वाला है, जिसका सीधा असर वाहनधारकों व आम नागरिकों पर पड़ सकता है।
सहायक मोटर वाहन निरीक्षक नितीन राठौड़, स्वप्निल ओहल, पूजा कुचे, नम्रता शिंदे, वैष्णवी कांबले व दीपिका जोशी का तबादला किया गया है। कुल 38 पदों में से 12 पद पहले ही वैजापुर के नए उपप्रादेशिक परिवहन कार्यालय को स्थानांतरित किए जा चुके हैं।
शेष 26 पदों में अब छह अधिकारियों के तबादले के बाद केवल 20 अधिकारी ही कार्यरत रह गए हैं। वहीं वैजापुर कार्यालय में भी 12 में से छह पद अभी खाली हैं। मोटर वाहन निरीक्षक के कुल 20 पदों में संदीप गोसावी के तबादले के बाद अब 19 पदों पर अधिकारी कार्यरत हैं। वैजापुर में भी आठ में से चार पद रिक्त बताए गए हैं। वरिष्ठ स्तर पर उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी का महत्वपूर्ण पद भी खाली है।
वहीं सहायक उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारियों के तीन स्वीकृत पदों में से केवल छत्रपति संभाजीनगर अधिकारी राजकुमार कुमठाले पूरे कार्यालय का काम संभाल रहे हैं, जबकि दो पद रिक्त हैं। अधिकारियों की कमी से आरटीओ के दैनिक कार्य व फील्ड स्तर के संचालन पर इसका असर पड़ने की आशंका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक लर्निंग व स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए परीक्षण देने आते हैं, लेकिन अधिकारियों की कमी के कारण अपॉइंटमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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इसके अलावा वाहनों की फिटनेस जांच व पासिंग प्रक्रिया में भी देरी होने की संभावना है। व्यावसायिक व अन्य वाहनों की फिटनेस जांच में लगने वाला समय बढ़ सकता है। वहीं हाईवे व शहर में वाहनों की निगरानी, अवैध परिवहन पर कार्रवाई तथा ट्रैवल्स वाहनों की जांच जैसे उड़नदस्ते के कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी विजय काटोले ने कहा कि रिक्त पदों के कारण कुछ हद तक काम का दबाव बढ़ेगा, लेकिन आंतरिक स्तर पर उचित नियोजन कर कामकाज को सुचारु रखा जाएगा। नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसका ध्यान रखा जाएगा।