Chhatrapati Sambhajinagar Drugs smuggling: छत्रपति संभाजीनगर नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल की गई एक निजी यात्री बस के खिलाफ क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसका परमिट 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मादक पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स के प्रस्ताव के आधार पर की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई को निजी यात्री परिवहन सेवाओं के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 21 मार्च 2026 को नगर नाका क्षेत्र में मादक पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स और छावनी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सैयद अजहर नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली 118 बोतल कोडीन सिरप तथा नाइट्राजेपाम की 2,000 गोलियां बरामद की गई थीं। मामले में आरोपी के खिलाफ छावनी पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने मुसाफिर ट्रैवल्स कंपनी की निजी यात्री बस (एनएल-01-बी-1614) का उपयोग नशीले पदार्थों की ढुलाई के लिए किया था। इससे पहले भी कई निजी बसों के माध्यम से ड्रग्स तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं, जिसके चलते परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने ट्रैवल एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, जांच में पाया गया कि संबंधित ट्रैवल एजेंसी ने यात्रियों और सामान की जांच को लेकर आवश्यक सावधानियां और प्रतिबंधात्मक उपाय नहीं अपनाए।
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इसी आधार पर मादक पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स ने संबंधित बस का परमिट निलंबित करने का प्रस्ताव क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को भेजा था। प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए 20 मई को आदेश जारी कर बस का परमिट 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया।
छत्रपति संभाजीनगर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि किसी भी निजी यात्री वाहन का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी में पाया गया, तो संबंधित वाहन मालिक और एजेंसी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टास्क फोर्स ने सभी निजी ट्रैवल एजेंसियों से अपील की है कि वे यात्रियों और उनके सामान की जांच में सतर्कता बरतें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।