Chhatrapati Sambhajinagar Water Distribution Challenge: शहर की नई जलापूर्ति योजना के तहत पिछले साढ़े तीन महीनों में लगभग 800 एमएलडी पानी शहर तक पहुंचाया गया है। इसके बावजूद शहरवासियों को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि मनपा के पास पानी के प्रभावी वितरण के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसके कारण जलापूर्ति के अंतराल में अब तक अपेक्षित कमी नहीं आ सकी है।
नई जलापूर्ति योजना के तहत शहर को प्रतिदिन 392 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल पहले चरण में 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत 19 मार्च 2026 से जायकवाड़ी बांध से पानी उठाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
परीक्षण सफल होने के बाद मुख्य पाइपलाइन की सफाई, जल शोधन केंद्र, पंपगृह और अन्य तकनीकी कार्य पूरे करते हुए नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी गई। योजना के अनुसार जायकवाड़ी बांध से सायफन प्रणाली के माध्यम से पानी नक्षत्रवाड़ी स्थित जल शोधन केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है।
हालांकि, वहां से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए महानगरपालिका का वितरण नेटवर्क अभी पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो सका है। इसी कारण पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने के बावजूद नागरिकों को नई जलापूर्ति योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, जायकवाड़ी से पानी पहुंचाने के लिए अपनाई गई सायफन प्रणाली महाराष्ट्र के सातारा, सोलापुर और कोल्हापुर जैसे शहरों में पहले से सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। इन शहरों में इस तकनीक के माध्यम से नियमित और प्रभावी जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि छत्रपति संभाजीनगर में भी यह प्रणाली तकनीकी रूप से सक्षम है और मुख्य चुनौती केवल वितरण नेटवर्क की है। जैसे ही महानगरपालिका शहर के भीतर पाइपलाइन और वितरण व्यवस्था को मजबूत करेगी, वैसे ही नागरिकों को नियमित अंतराल पर अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा और जलापूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट