MPSC Online Exam Protest Students Ultimatum: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की प्रस्तावित ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली के विरोध और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के खिलाफ सोमवार को छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया।
संभागीय आयुक्त कार्यालय के सामने महाराष्ट्र राज्य विद्यार्थी कृती समिति के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में राज्यभर से बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली तत्काल वापस लेने, एमपीएससी की परीक्षा पूर्व की तरह ऑफलाइन कराने तथा पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून लागू करने की मांग की।
आंदोलन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार, कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, प्रो। विठ्ठल कांगणे, कराळे, रविराज साबळे और दीपक केदार सहित कई छात्र नेताओं ने भाग लेकर आंदोलन को समर्थन दिया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 12 जुलाई तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो राज्यभर में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त को मांगपत्र सौंपकर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का आग्रह किया।
विधायक रोहित पवार ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से छात्रों की मांगों पर चर्चा हो चुकी है। सरकार को स्पष्ट रूप से बताया गया है कि 12 जुलाई तक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं चल रही हैं।
इसलिए इस अवधि के भीतर छात्रों के हित में सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो 12 जुलाई के बाद शुरू होने वाला आंदोलन सरकार के लिए संभालना कठिन होगा।
रोहित पवार ने कहा कि राज्य में टीईटी, नीट और अन्य भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है।
ऐसी स्थिति में एमपीएससी की परीक्षा ऑनलाइन कराने का निर्णय छात्रों की चिंताओं को और बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए ऑफलाइन परीक्षा प्रणाली को ही जारी रखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आने वाले समय में यही युवा लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेंगे। सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस निर्णय लेकर युवाओं का विश्वास बहाल करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा एमपीएससी की परीक्षा ऑफलाइन आयोजित करने, अंक सामान्यीकरण की व्यवस्था समाप्त करने, सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए समान परीक्षा शुल्क लागू करने, पुलिस भर्ती की आयु सीमा बढ़ाने तथा एमपीएससी को हस्तांतरित लंबित भर्तियों की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की भी मांग की गई।
अभिजीत दिपके ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं को मानसिक तनाव में डाल दिया है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की अपेक्षाओं और उनके भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
आंदोलन में शामिल छात्र नेताओं ने कहा कि यह केवल ऑनलाइन परीक्षा का विरोध नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की लड़ाई है।
उनका कहना था कि यदि सरकार ने 12 जुलाई तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे महाराष्ट्र में और व्यापक रूप दिया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट