Marathwada Kunbi Certificate Distribution: छत्रपति संभाजीनगर में मराठा-कुणबी आरक्षण प्रक्रिया के तहत कुणबी प्रमाणपत्र वितरण का काम तेज गति से जारी है। विभागीय आयुक्तालय की ओर से जारी ताजा समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, मराठवाड़ा संभाग में अब तक 3 लाख 11 हजार 33 पात्र आवेदकों को कुणबी प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। वहीं 515 आवेदन विभिन्न कारणों से निरस्त किए गए हैं, जबकि केवल 61 आवेदन अभी भी प्रक्रिया में लंबित हैं।
विभागीय आयुक्तालय के सूत्रों के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 तक की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, मराठा-कुणबी आरक्षण से संबंधित मामलों की निगरानी न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति के मार्गदर्शन में लगातार की जा रही है। समिति के निर्देशों के अनुरूप प्रमाणपत्रों के वितरण और आवेदनों के निपटारे की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा सकें।
आंकड़ों के अनुसार, मराठवाड़ा के आठों जिलों से अब तक 3 लाख 11 हजार 609 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद 3 लाख 11 हजार 33 आवेदनों को मंजूरी देते हुए संबंधित आवेदकों को कुणबी, मराठा-कुणबी अथवा कुणबी-मराठा प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि अधिकांश आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 515 आवेदन आवश्यक दस्तावेजों की कमी, रिकॉर्ड में विसंगतियों अथवा अन्य प्रशासनिक कारणों से निरस्त किए गए हैं। वहीं 61 आवेदन ऐसे हैं जिनकी जांच और दस्तावेजों का सत्यापन अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि लंबित मामलों का भी जल्द निपटारा कर दिया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से मराठा समाज को आरक्षण के दायरे में लाने की प्रक्रिया के तहत कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से न्यायमूर्ति संदीप शिंदे समिति का गठन किया गया था, जो पात्रता की जांच, ऐतिहासिक अभिलेखों के सत्यापन और प्रमाणपत्र वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
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प्रशासन का कहना है कि कुणबी प्रमाणपत्र वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सभी जिलों में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र आवेदकों को किसी प्रकार की अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए।