स्मार्ट मीटर, इनसेट- महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के अधीक्षक अभियंता मनीष ठाकरे (फोटो नवभारत) 
औरंगाबाद

बिजली बिल के झंझट से मिलेगी मुक्ति! छत्रपति संभाजीनगर में स्मार्ट मीटर लगाने के काम में आएगी तेजी, जानें फायदे

Smart Meter Benefits: केंद्र सरकार की RDSS योजना के तहत अब हर घर में स्मार्ट मीटर लगेगा। छत्रपति संभाजीनगर में 32% काम पूरा, जानें कैसे यह मीटर आपकी बिजली की बचत और सटीक बिलिंग सुनिश्चित करेगा।

आकाश मसने

RDSS Scheme Electricity Meter: केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के अंतर्गत सभी प्रकार के बिजली ग्राहकों के पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है। इसमें घरेलू, औद्योगिक, व्यावसायिक तथा सरकारी उपभोक्ता शामिल हैं। महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के अधीक्षक अभियंता मनीष ठाकरे ने आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में शहर के कुल 3 लाख 63 हजार 453 बिजली ग्राहकों में से 1 लाख 16 हजार 721 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह कुल ग्राहकों का लगभग 32 प्रतिशत है। राज्य के अन्य शहरों की तुलना में यह आंकड़ा काफी कम है। इसी कारण अब शहर में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में और अधिक गति लाई जाएगी।

कोल्हापुर, सातारा और सांगली आगे

महावितरण के छत्रपति संभाजीनगर परिमंडल के अधीक्षक अभियंता मनीष ठाकरे ने कहा कि कोल्हापुर जैसे शहर में 90 प्रतिशत बिजली ग्राहकों के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं सातारा और सांगली में भी यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके मुकाबले छत्रपति संभाजीनगर पीछे है, जिस पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि शहर के सिडको क्षेत्र में अब तक 34 प्रतिशत ग्राहकों को स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। गारखेडा क्षेत्र में यह आंकड़ा 38 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। वहीं मिसर वाड़ी के आरती नगर फीडर क्षेत्र में 90 प्रतिशत ग्राहकों के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

स्मार्ट मीटर से मिलेगी अचूक बिलिंग

मनीष ठाकरे ने बताया कि स्मार्ट मीटर सीधे महावितरण के केंद्रीय सिस्टम से संवाद करते हैं। इस ई-कम्युनिकेशन प्रणाली के कारण बिजली उपयोग की सटीक जानकारी मिलती है और उपभोक्ताओं को अचूक बिल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मीटरों में मानवीय त्रुटियों की संभावना रहती थी, लेकिन स्मार्ट मीटर से रीडिंग पूरी तरह सटीक मिलती है। इससे बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं की शिकायतें भी कम होंगी।

बिजली चोरी करने वाले कर सकते हैं विरोध

अधीक्षक अभियंता ने स्पष्ट कहा कि जो लोग बिजली चोरी करते हैं, वही स्मार्ट मीटर का विरोध कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर प्रणाली से बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और बिजली वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

स्मार्ट मीटर के प्रमुख फायदे

  • ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) सुविधा के तहत कम मांग वाले समय, विशेषकर रात में बिजली उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को बिल में राहत मिल सकती है।
  • स्मार्ट मीटर लगाने वाले ग्राहकों को प्री-पेड सुविधा के अंतर्गत प्रति यूनिट 80 पैसे तक की छूट मिलने का भी प्रावधान है।
  • इसके अलावा उपभोक्ता अपने मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल टाइम में बिजली उपयोग की जानकारी देख सकेंगे। इससे बिजली बचत और खर्च नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

बिजली गुल होने की सूचना तुरंत मिलेगी

एक सवाल के जवाब में मनीष ठाकरे ने बताया कि महावितरण ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है, जिसके माध्यम से किसी भी क्षेत्र में तकनीकी समस्या या अन्य कारणों से बिजली आपूर्ति बंद होने की जानकारी तुरंत केंद्रीय प्रणाली को मिल जाएगी।उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं के फोन अथवा संदेश आने से पहले ही महावितरण को समस्या का पता चल जाएगा और तत्काल सुधार कार्य शुरू किया जा सकेगा। इससे बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक तेज और प्रभावी बनेगी। ठाकरे ने बताया कि बीते एक वर्ष में महावितरण के लगभग 90 प्रतिशत अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

- नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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