Chhatrapati Sambhajinagar Monsoon Updates: मराठवाड़ा की जीवन रेखा माने जाने वाले जायकवाडी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अहिल्या नगर और नासिक जिलों के प्रमुख बांधों से गोदावरी नदी में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले 24 से 28 घंटों में नाथसागर में पानी की आवक और बढ़ने की संभावना है।
पानी का स्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए सिंचाई विभाग ने आवश्यकता पड़ने पर बांध के गेट कभी भी खोलने के संकेत दिए हैं। जिला प्रशासन ने गोदावरी नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सोमवार 3 अगस्त की शाम 6 बजे तक जायकवाड़ी बांध का जलभराव 87.86 प्रतिशत तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग के अनुसार बांध का पानी का स्तर 1,519.73 फीट दर्ज किया गया है, जो पूर्ण जलभराव स्तर से केवल 2.27 फीट कम है। वर्तमान में बांध में 22,390 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जिससे आने वाले समय में पानी का स्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल स्पिलवे से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जबकि दाहिनी और बाईं दोनों नहरों के माध्यम से कुल 1,700 क्यूसेक पानी का नियंत्रित विसर्ग जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जल आवक इसी गति से जारी रही तो स्थिति के अनुसार बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया जा सकता है। सिंचाई विभाग लगातार इस पर नजर बनाए हुए है।
सिंचाई विभाग के अनुसार नासिक जिले के गंगापुर, दारणा, पालखेड, कडवा और नांदूर मधमेश्वर सहित नगर जिले के विभिन्न बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नाथसागर का जल संचय तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया जा सकता है।
जिला प्रशासन और जायकवाड़ी सिंचाई विभाग ने पैठण, पाटेगांव, मुंगी, आपेगांव सहित गोदावरी नदी के किनारे बसे सभी गांवों के नागरिकों से नदी में नहीं जाने, मवेशियों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने तथा प्रशासन की ओर से जारी सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि गेट खुलने की स्थिति में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट