Sambhajinagar Social Awareness: छत्रपति संभाजीनगर लव जिहाद के जरिए हिंदुओं पर हो रहा आक्रमण सांस्कृतिक आक्रमण है। इसे देखते हुए सभी ने सजग रहने की जरूरत है। लव जिहाद की घटनाओं को देखते हुए कड़ा कानून बनाने के साथ ही उस पर कड़ाई से क्रियान्वयन करने की भी जरूरत है।
यह मांग श्री राम जन्म तीर्थ सेवा क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष एवं विख्यात कथा वाचक स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने की। शनिवार को संवाददाताओं से बातचीत में स्वामी ने कहा कि यदि हम सजग रहे तो कोई हमें फंसा नहीं सकता।
लव जिहाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने कहा कि अभिभावकों का दायित्व है कि हम अपनी लड़कियों पर ध्यान दें।
लड़कियों को देखना चाहिए कि व किसके साथ कितने संबंध रखे, यही नहीं, घर की महिलाओं को भी किसके साथ कैसा बर्ताव करें इसकी सीख देने की जरूरत है।
बंदी के बावजूद राज्य में चोरी छुपे तरीके से जारी गोहत्या के बारे में स्वामी ने कहा कि राज्य में कई कानून होने के बावजूद उसका उल्लंघन करने वालों की कमी नहीं है।
हर मामले में सरकार को दोषी करार नहीं दिया जा सकता, इसके लिए सरकार को और प्रयास करने पर जोर देते हुए समाज को भी जागरूक रहने की सलाह उन्होंने दी।
स्वामी ने कहा कि जब हनुमानजी की लंका के लिए उड़ान भरते हैं, तब सभी देवता आकाश से फूल बरसाकर उनकी महिमा का गुणगान करते हैं। हनुमान जी हमें सिखाते हैं कि सारी शक्तियां हमारे भीतर ही निहित होती है, जरूरत केवल उन्हें जागृत करने की होती है।
अदालत रोड पर स्थित कासलीवाल तापड़िया मैदान में तीन दिवसीय हनुमान कथा के दूसरे दिन वे विचार रख रहे थे। इस अवसर पर भाजपा नेता डॉ. भागवत कराड़, विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे मौजूद थे।
भक्तों को उपदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति आराधना, उपासना और सच्चे समर्पण के माध्यम से अपने भीतर छिपी ऊर्जा को पहचान सकता है।
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स्वामी ने अंजनी पुत्र को बेहतरीन कार्यकर्ता, आदर्श छात्र व श्रेष्ठ साधक का प्रतीक करार देते हुए कहा कि छात्र को अपनी पढ़ाई में, कार्यकर्ता को अपने कार्य में व साधक को अपनी साधना में आने वाली बाधाओं का समाधान हनुमान जी के जीवन से सीखना चाहिए।