

Maharashtra MLC Election BJP Candidate: महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले कुछ हफ्ते बेहद सरगर्मी भरे होने वाले हैं। राज्य विधान परिषद (MLC) की 9 सीटें आगामी 13 मई को रिक्त होने जा रही हैं। मौजूदा संख्याबल के गणित को देखें तो इन 9 में से 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत तय मानी जा रही है। लेकिन असली पेच पार्टी के भीतर फंसा हुआ है, जहां इन चार सीटों के लिए दावेदारों की एक लंबी कतार खड़ी हो गई है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए भी परीक्षा की घड़ी होगी।
13 मई को जिन चार भाजपा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल, संदीप जोशी, दादाराव केचे और संजय केणेकर शामिल हैं। पार्टी गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हाईकमान इन चारों को दोबारा मौका देगा या फिर आगामी चुनावों को देखते हुए नए चेहरों पर दांव लगाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार 'परफॉर्मेंस' और 'जातीय समीकरण' को सबसे ऊपर रख रही है।
विधान परिषद जाने की रेस में संगठन के पुराने वफादारों से लेकर हालिया चुनाव हार चुके नेताओं तक के नाम शामिल हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष केशव उपाध्ये और माधवी नाईक जैसे संगठन के मजबूत स्तंभों के नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा, हाल के लोकसभा चुनावों में अपनी सीट न बचा पाने वाले रणजीत सिंह निंबालकर और पूर्व विधायक राम सातपुते भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। साथ ही, उन नेताओं की नजरें भी इन सीटों पर टिकी हैं जिन्हें राज्यसभा चुनावों के समय आश्वासन देकर रोक लिया गया था।
महाराष्ट्र की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखते हुए भाजपा नेतृत्व प्रादेशिक संतुलन (मराठवाड़ा, विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र) बनाए रखने की कोशिश करेगा। जानकारों का मानना है कि पार्टी कुछ मौजूदा विधायकों का पत्ता काटकर ऐसे चेहरों को ला सकती है जो आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मजबूत वोट बैंक दिला सकें।
चुनाव आयोग द्वारा अप्रैल के दूसरे या तीसरे सप्ताह में MLC Election के कार्यक्रम की घोषणा किए जाने की संभावना है। पूरी चुनावी प्रक्रिया मई के पहले पखवाड़े तक संपन्न हो जाएगी। अब देखना यह है कि भाजपा आलाकमान निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करता है या फिर चुनावी समीकरणों को साधने के लिए बाहरी या नए चेहरों को तरजीह देता है।