Sambhajinagar Wildlife Counting: छत्रपति संभाजीनगर बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर हर वर्ष की तरह इस बार भी गौताला अभयारण्य में वन्यजीव गणना की गई। इस बार 70 प्रकृति प्रेमियों ने 21 मचानों पर बैठकर पूरी रात जंगाल में वन्यजीवों का रोमांचक अनुभव लिया। यह अभियान 1 मई की शाम 6 बजे से 2 मई की सुबह 7 बजे तक चला। इसके तहत नागद, कन्नड़ व चालीसगांव वन क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था की गई थी।
सभी प्रतिभागियों को पहले आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, पहचान पत्र बनाए गए व समूहों में बांटकर मचानों पर भेजा गया। भोजन, पानी व चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई थी।
हर समूह के साथ वन विभाग का एक कर्मचारी तैनात था। कुल 95 वनकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिसमें 42 वनरक्षक, वनपाल व 45 वनमजदूर शामिल थे। विभागीय वन अधिकारी रेवती कुलकणी, सहायक वनसंरक्षक विशाल लोंडे, मानद वन्यजीव रक्षक किशोर पाठक, सर्पमित्र अनिल शिरसे, वनपरिक्षेत्र अधिकारी सचिन रामपुरे, सचिन शिंदे व एमके रहाटवल ने विशेष परिश्रम लिया।
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रातभर मचानों के पास बने जलस्रोतों पर आने वाले वन्यजीवों का अवलोकन किया गया, घने अंधेरे व सन्नाटे के बीच यह अनुभव प्रतिभागियों के लिए बेहद रोमांचकारी रहा।
वन विभाग के अनुसार, इसमें कुल 193 वन्यजीवों की गणना हुई। इनमें 2 तेंदुए, 33 मोर, 33 बंदर, 16 नीलगाय, 98 जंगली सूअर, 7 खरगोश, 1 लोमड़ी, 1 उदबिलाव, 1 साही, 1 सियार व 1 हिरण शामिल हैं। इस बीच, अभयारण्य में मौजूद एकमात्र बाघ भी हाल ही में ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है, उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यह बाध वर्ष 2022 में टिपेश्वर अभयारण्य से यहां आया था व तब से यहीं विचरण कर रहा है। 28 अप्रैल को भी इसे कैमरे में कैद किया गया था।