

Sambhajinagar Water Delay: छत्रपति संभाजीनगर शहरवारिस्यों की प्यास बुझाने के लिए नई जलापूर्ति योजना का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है, मगर तकनीकी अड़चनों के चलते मई के अंत तक पानी सप्लाई शुरू होने की संभावना कम ही दिख रही है। जल शुद्धिकरण के लिए जरूरी पीएसओ प्रमाण-पत्र अब तक नहीं मिला है व कई तकनीकी कार्य भी अधूरे हैं। ऐसे में अब जून में ही नागरिकों को अतिरिक्त पानी मिलने के आसार हैं।
केंद्र सरकार की अमृत-2 योजना के तहत करीब 2,740 करोड़ रुपये की लागत से साकार की जा रही महत्वाकांक्षी परियोजना का करीब १० फीसदी काम पूरा हो चुका है। पहले चरण में 200 एमएलडी जलापूर्ति का लक्ष्य रखा गया है।
जैकवेल संग प्रमुख कार्य पूरे हो चुके हैं व गुड़ी पाड़वा के दिन जायकवाड़ी बांध से सायफन पद्धति से पानी जैकवेल तक लाया गया। इसके बाद मुख्य पाइपलाइन के जरिए नक्षत्रवाड़ी तक पानी पहुंचाया गया है, पर आगे की प्रक्रिया में काम की गति धीमी हो गई है। नक्षत्रवाड़ी से जल शुद्धिकरण केंद्र तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया अभी अधूरी है।
योजना के पहले चरण में 200 एमएलडी पानी उपलब्ध होने से शहर की जल समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि जून में योजना शुरू होती है, तो जलापूर्ति की अनियमितता कम होगी और नागरिकों को नियमित पानी मिल सकेगा।
हालांकि, इसके लिए शेष कार्यों का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है व इसका बड़ी बेसब्री से इंतजार शहरवासियों को है। भीषण गर्मी व पानी की किल्लत के बीच समय पर योजना पूरी करना प्रशासन के सामने चुनौती है,
पानी में क्लोरीन व फिटकरी (तुरटी) का सही अनुपात तय करने पीएसओ प्रमाण-पत्र जरूरी होता है, जो संबंधित कंपनी से अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा मुख्य पाइपलाइन पर बटरफ्लाई वाल्व लगाना, स्कॉर वाल्व बदलना, विभिन्न स्थानों पर पाइपलाइन कनेक्शन पूरा करना, जल टंकियों से आंतरिक जोड़ व 1,500 मिमी पाइपलाइन की हाइड्रोलिक जांच आदि कार्य शेष हैं। इन सभी कार्यों को पूरा करने में न्यूनतम एक महीने का समय लग सकता है।