Sambhajinagar Crime Control Law And Order: महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते ने स्पष्ट कहा कि केवल अपराध दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध का शीघ्र खुलासा, मजबूत जांच और अदालत से दोषियों को सजा दिलाना ही पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधों के खुलासे की गति तेज की जाए, जांच की गुणवत्ता में सुधार किया जाए तथा अपराधियों में कानून का भय पैदा करने के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस आयुक्तालय में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीजीपी ने शहर पुलिस के साथ छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण, जालना और धाराशिव जिलों की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, विशेष पुलिस महानिरीक्षक वीरेंद्र मिश्र, ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक प्रकाश जाधव सहित जालना और धाराशिव के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
डीजीपी ने कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध होने से पहले प्रभावी प्रतिबंधात्मक कदम उठाना अधिक आवश्यक है। इसके लिए हिस्ट्रीशीटरों, संगठित अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखने तथा समय-समय पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान, साइबर अपराधों की रोकथाम और गोवंश संरक्षण कानून के तहत की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
सदानंद दाते ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फिलहाल 11 जिलों में चल रहे सड़क सुरक्षा अभियान का विस्तार पूरे महाराष्ट्र में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुर्घटना में होने वाली मौत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की क्षति होती है। इसलिए दुर्घटनाओं को रोकना पुलिस की प्राथमिकता है।
बैठक में मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के पुनर्वास पर भी जोर दिया गया। डीजीपी ने निर्देश दिए कि ऐसे युवाओं को न्यायालय के माध्यम से पुनर्वास केंद्रों में उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी पहल की जाए, ताकि उन्हें मुख्यधारा में वापस लाया जा सके।
पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने पुलिस आयुक्तालय की सीमा विस्तार और छत्रपति संभाजीनगर में नए पुलिस थाने स्थापित करने का प्रस्ताव डीजीपी के समक्ष रखा। इस पर सदानंद दाते ने कहा कि प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।
समीक्षा बैठक के बाद डीजीपी प्रवीण पवार ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद किया। इस दौरान अंतरजिला तबादला, पदोन्नति, पति-पत्नी एक ही स्थान पर नियुक्ति, मकान किराया भत्ता और अन्य सेवा संबंधी समस्याएं उनके समक्ष रखी गईं। दाते ने भरोसा दिलाया कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा, जबकि शासन स्तर के मामलों को भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा।