Heritage Renovation ( सोर्स: सोशल मीडिया )  
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर: 18 साल बाद जागा संग्रहालय विस्तार, शिवजयंती पर बड़ा निर्णय, संग्रहालय उन्नयन को मिली रफ्तार

Sambhajinagar Heritage Renovation: संभाजीनगर में छत्रपति शिवाजी महाराज पुरावस्तु संग्रहालय के लंबित कार्यों को गति। मनपा निधि से दुरुस्तीकरण व ‘आरमार दालन’ स्थापना हेतु उपसमिति गठित करने का निर्णय।

अंकिता पटेल

Chhatrapati Sambhajinagar Tourism Development: छत्रपति संभाजीनगर शहर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े छत्रपत्ति शिवाजी महाराज पुरावस्तु संग्रहालय के लंबित कार्यों को आखिरकार गति मिल गई है। करीब डेढ़ वर्ष की प्रतीक्षा के बाद मनपा ने संग्रहालय के दुरुस्तीकरण और उन्नयन के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विशेष उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो पूरे परियोजना की रूपरेखा तैयार करेगी, संग्रहालय में शीघ्र ही छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री शक्ति को समर्पित एक स्वतंत्र और भव्य आरमार दालन स्थापित किया जाएगा।

इस दालन में शिवकालीन नौसेना की सामरिक क्षमता, युद्धनीति और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रारूप तैयार किया जाएगा।

पूरा प्रकल्प मनपा के निधि से साकार किया जाएगा। शिवजयंती के अवसर पर आयोजित विशेष बैठक में महापौर समीर राजूरकर ने संग्रहालय की कमियों को दूर करने के लिए तत्काल उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए।

समिति में इतिहास शोधकर्ता, उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा स्वयंसेवी नागरिकों को शामिल किया जाएगा। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महापौर राजुरकर ने बताया कि बीते 18 सालों से संग्रहालय के विस्तार के लिए किसी प्रकार की बैठक नहीं ली गई।

तोपों के संरक्षण के लिए आधुनिक व्यवस्था

संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक तीपों की सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, वर्तमान में लकड़ी या सीमेंट के आधार पर रखी गई लोधी के स्थान पर अब विशेष लोहे के मजबूत गाड़े तैयार किए जाएंगे, इससे मौसम के प्रभाव को कम किया जा सकेगा और इन धरोहरों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित होगा।

विद्यालयीन शैक्षणिक सहली की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए एक सुसज्जित हरित लॉन विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इस स्थान पर विद्यार्थी बैठकर भोजन कर सकेंगे और विश्राम की सुविधा भी प्राप्त होगी। इससे शैक्षणिक भ्रमण अधिक सुविधाजनक और आनंददायक बनेगा।

वर्ष 2025 में संग्रहालय को लगभग सवा लाख पर्यटकों ने भेट दी। संग्रहालय के संरचनात्मक सुधार, सुरक्षा उपाय व आधुनिक जानकारी पर दालन की स्थापना आवश्यक मानी गई है।

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