Chhatrapati Sambhajinagar ZP Meeting Corruption Brokers Issue: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं और दलालों की बढ़ती भूमिका को लेकर गुरुवार को स्थायी समिति की बैठक में तीखी चर्चा हुई।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में लाभार्थियों की फाइलें सीधे स्वीकार नहीं की जातीं, बल्कि दलालों के माध्यम से आने वाली फाइलों को ही प्राथमिकता दी जाती है। इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सदस्यों ने प्रशासन से भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त एवं घुमंतू जाति, विशेष पिछड़ा वर्ग तथा नवबौद्ध समाज के लाभार्थियों को वेल्डिंग मशीन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा हुई। इसी दौरान सदस्य संजय निकम ने आरोप लगाया कि कुछ योजनाओं में लाभार्थियों से फाइल मंजूर कराने के नाम पर अवैध धनराशि मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के एक लाभार्थी से कुएं की मंजूरी के लिए पैसे मांगे गए, जबकि अन्य लोगों से भी फाइल स्वीकृत करने के बदले रकम वसूले जाने की शिकायतें मिली हैं।
सदस्यों ने प्रशासन से भ्रष्टाचार पर तत्काल अंकुश लगाने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी।मिन्नू ने कहा कि वह व्यवस्था में अनुशासन लाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
जिला परिषद के अध्यक्ष अविनाश गलांडे ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी दलालों के माध्यम से पैसे मांगता है तो उसके साक्ष्य उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इस हंगामेदार बैठक के बाद छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्थानीय समाजसेवियों और ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों ने सदस्यों द्वारा उठाए गए इस मुद्दे की सराहना की है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों के गरीब लाभार्थी लंबे समय से दलालों की इस मनमानी और अवैध वसूली से परेशान थे। अब देखना यह होगा कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. मिन्नू और अध्यक्ष अविनाश गलांडे के कड़े निर्देशों के बाद क्या इस पारदर्शी व्यवस्था से दलालों के चंगुल से सीधे लाभार्थियों को राहत मिल पाती है।