

Rural Development Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर जिला परिषद के माध्यम से ग्रामीण विकास को मजबूती मिलती है, लेकिन पिछले साढ़े तीन से चार वर्षों के प्रशासनिक कार्यकाल में विकास कार्यों की गति पर ब्रेक लग गया।
अधिकारियों के गांव स्तर तक न पहुंचने के कारण कई योजनाएं अधूरी रह गई व विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई। अब इस बैकलॉग को पूरा करने का संकल्प जिला परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने व्यक्त किया है।
पदभार संभालने के बाद शुक्रवार 20 को अध्यक्ष अविनाश पाटील गलांडे व उपाध्यक्ष जितेंद्र जैस्वाल ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान अध्यक्ष गलांडे ने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता व सामाजिक कल्याण जैसे मूलभूत क्षेत्रों के कार्यों को प्राथमिकता देकर तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। गांव स्तर की समस्याओं का समाधान कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला परिषद मुख्यालय की नई प्रशासनिक इमारत का काम भी प्रशासनिक काल में अधूरा रह गया था। पर्याप्त निधि व नीतिगत निर्णयों के अभाव में यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी, अब सरकारी स्तर पर प्रयास कर आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी व निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। इमारत पूर्ण होने के बाद सभी विभाग एक ही छत के नीचे आने से कामकाज में गति आएगी।
जिला परिषद मुख्यालय की नई प्रशासनिक इमारत के लिए आवश्यक निधि सरकार से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। पहले इस परियोजना में उपकर निधि का उपयोग किया गया था, लेकिन अब उपकर निधि का उपयोग नहीं किया जाएगा। यह राशि महत्वपूर्ण योजनाओं पर खर्च की जाएगी, ऐसा विश्वास अध्यक्ष गलांडे ने व्यक्त किया।