सांकेतिक फोटो (सोर्सः फाइल फोटो) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर के लिए बड़ी खुशखबरी: 17 KM लंबी पाइपलाइन की टेस्टिंग शुरू, इन इलाकों को मिलेगा सबसे पहले लाभ

Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Scheme का शुभारंभ 12 जून से होने जा रहा है। नक्षत्र वाड़ी से जटवाड़ा तक 17 किमी लंबी पाइपलाइन की सफाई व टेस्टिंग जारी है। जानें किन इलाकों को मिलेगा पानी का लाभ।

गोरक्ष पोफली

New Water Pipeline Testing: छत्रपति संभाजीनगर शहरवासियों को नई जलापूर्ति योजना के तहत 12 जून से पानी उपलब्ध कराने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण और जीवीपीआर कंपनी ने परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी ला दी है। इसी कड़ी में नक्षत्र वाड़ी स्थित मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर (एमबीआर) से जटवाड़ा तक बिछाई गई 1500 मिमी व्यास की मुख्य पाइपलाइन की सफाई और परीक्षण शुरू कर दिया गया है।

जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार लगभग 17 किलोमीटर लंबी इस पाइप लाइन में एमबीआर से पानी छोड़कर फ्लशिंग की जा रही है। इसके माध्यम से पाइपलाइन के भीतर मौजूद गाद, धूल और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा। साथ ही पाइपलाइन पर लगाए गए 34 बटरफ्लाई वाल्व, 3 स्कोर वाल्व और 3 एयर वाल्व की तकनीकी जांच भी की जा रही है। अगले दो से तीन दिनों तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

पहले चरण में 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने की तैयारी

Chhatrapati Sambhajinagar Water Supply Scheme के प्रथम चरण में शहर को प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जायकवाडी बांध से पानी जैकवेल तक पहुंचने के बाद 2500 मिमी व्यास की मुख्य पाइप लाइन से नक्षत्र वाड़ी लाया गया। जलशुद्धीकरण केंद्र में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुद्ध पानी को एमबीआर में संग्रहित किया गया है।

इन क्षेत्रों को मिलेगा नई योजना का लाभ

यह मुख्य जलवाहिनी नक्षत्र वाड़ी, देवलाई चौक, राजेश नगर, बंबाटनगर, जय भवानी नगर, सिडको, हडको, हर्सूल टी-पॉइंट और जटवाड़ा क्षेत्र से होकर गुजरती है। जटवाड़ा और हरसिद्धि माता जलकुंभ भरने के बाद इन इलाकों में चरणबद्ध तरीके से नई योजना का पानी पहुंचाया जाएगा। इससे शहर के उत्तर और पश्चिम भाग के हजारों नागरिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

शुरुआत में 40 एमएलडी जलापूर्ति का लक्ष्य

योजना के प्रारंभिक चरण में हर्सूल-जटवाडा क्षेत्र को प्रतिदिन 40 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वितरण व्यवस्था स्थिर होने और शेष कार्य पूर्ण होने के बाद जलापूर्ति की मात्रा बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र की आवश्यकता और वितरण क्षमता के आधार पर आगे की योजना तैयार की जाएगी।

एमबीआर में 20 लाख लीटर पानी का भंडारण

नक्षत्र वाड़ी में निर्मित 50 लाख लीटर क्षमता वाले नए एमबीआर में वर्तमान में लगभग 20 लाख लीटर पानी संग्रहित है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि यह पानी उपयोग के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। विशेष बात यह है कि यह रिजर्वायर महानगर पालिका की मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था के समान स्तर पर स्थित है। ऐसे में आवश्यकता पड़ने पर महानगर पालिका यहां से पानी लेकर नागरिकों को आपूर्ति कर सकेगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में भी वैकल्पिक जल स्रोतच उपलब्ध रहेगा और जलापूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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