Sambhajinagar Jayakwadi Dam Supply: छत्रपति संभाजीनगर जलवाहिनी की सफल टेस्टिंग के बावजूद, आगे के कार्यों में देरी के कारण शहर में अब तक पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इस समय 42-43 डिग्री तापमान के कारण पानी की मांग काफी बढ़ गई है व शहर के लोग पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के मौके पर जायकवाड़ी बांध का पानी नक्षत्रवाड़ी स्थित जल शुद्धिकरण केंद्र तक पहुंचाया गया था। जायकवाड़ी की और उल्टी दिशा में पाइप लाइन की सफाई की जानी थी, लेकिन पिछले 15 दिनों में यह काम पूरा नहीं हो पाया।
इसी कारण नई जलवाहिनी से पानी आपूर्ति का काम अटका हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि नई पाइप लाइन से 60 से 70 एमएलडी अतिरिक्त पानी लाकर शुद्ध किया जाता, तो शहर को कम से कम चार दिन में एक बार पानी मिल सकता था।
पानी सलाई शुरू करने को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका, कंपनी ने किए कार्यों के करीब 82 करोड़ रुपये के बिल अब तक मंजूर नहीं किए गए है, जिस पर भी बैठक में चर्चा हुई।
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अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों में पाइप लाइन की सफाई का काम शुरू होने की संभावना है, तब तक शहरवासियों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि न्यायालय ने मई तक शहर में पानी सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह संभव नहीं हो पाया। मजीप्रा व जीवीपीआर कंपनी के बीच तालमेल की कमी भी इस देरी का बड़ा कारण बन रही है। इस बीच, मजीप्रा के सदस्य सचिव रंगनायक की मौजूदगी में विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक चली बैठक में मुख्य रूप से रुके हुए फंड पर चर्चा की गई।