Sambhajinagar SC Reservation Sub Classification Protest March: अनुसूचित जातियों के आरक्षण में उप वर्गीकरण के विरोध में आंबेडकरी संगठनों की ओर से कल बुधवार, 12 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर जिले में बड़ा मोर्चा निकाला जाएगा। इस मोर्चे में अनुसूचित जातियों के सभी 59 समुदायों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा आयोजकों ने किया है।
क्रांति चौक से शुरू होने वाला मोर्चा विभागीय आयुक्त कार्यालय परिसर तक जाएगा। यहां विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आयोजकों ने मोर्चा शांतिपूर्ण तरीके से निकालने की घोषणा की है। आरक्षण के उप वर्गीकरण को लेकर अनुसूचित जातियों के विभिन्न समुदायों में असंतोष बढ़ने का दावा करते हुए आंबेडकरी संगठनों ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि राज्य में विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पहले से चल रहे मतभेदों के बाद अब अनुसूचित जातियों के भीतर भी विभाजन पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठनों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदायों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे में आरक्षण के भीतर अलग-अलग वर्ग बनाकर उसका बंटवारा करने से अनुसूचित जातियों के बीच ही प्रतिस्पर्धा और विवाद बढ़ सकता है।
मोर्चे के माध्यम से अनुसूचित जातियों के आरक्षण में प्रस्तावित उप वर्गीकरण की प्रक्रिया को रद्द कर वर्तमान आरक्षण व्यवस्था कायम रखने की मांग की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि सभी अनुसूचित जाति समुदायों को आरक्षण का समान और न्यायपूर्ण लाभ मिलना चाहिए। किसी एक समुदाय को लाभ पहुंचाने अथवा दूसरे समुदाय के हिस्से को कम करने के बजाय आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
उपवर्गीकरण के संबंध में गठित बदर समिति को तत्काल भंग करने की मांग भी मोर्चे की प्रमुख मांगों में शामिल है। संगठनों का कहना है कि उपवर्गीकरण को लेकर गठित समिति के माध्यम से आगे की प्रक्रिया बढ़ाने के बजाय सरकार को पहले अनुसूचित जातियों के सभी समुदायों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति का समग्र अध्ययन करना चाहिए।
सरकारी विभागों में अनुसूचित जातियों के लिए स्वीकृत आरक्षण का पूरी तरह पालन करने की मांग भी की जाएगी। विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से रिक्त पड़े आरक्षित पदों को तत्काल भरने तथा लंबित अनुशेष समाप्त करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग संगठनों ने की है।
संगठनों का कहना है कि आरक्षण का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जब तक आरक्षित पदों पर वास्तविक भर्ती नहीं होगी, तब तक आरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। इसलिए विभागवार रिक्तियों की जानकारी सार्वजनिक कर विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग रखी जाएगी।
सरकारी नौकरियों में आरक्षण लागू करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली रोस्टर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर भी संगठनों का जोर है। आरक्षित पदों की कुल संख्या, भरे गए पद, रिक्त पद और लंबित अनुशेष की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी। इससे आरक्षण के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का दावा आयोजकों ने किया है।
मोर्चे में केवल आरक्षण के उपवर्गीकरण का मुद्दा ही नहीं, बल्कि अनुसूचित जातियों से जुड़े शिक्षा और रोजगार के मुद्दे भी उठाए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने, उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने तथा शोध के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों को आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए। इसके लिए छात्रवृत्ति की योजनाओं का समय पर लाभ मिलना और उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
मोर्चे में आनंद राज आंबेडकर, डॉ. भीमराव आंबेडकर, पूर्व मंत्री एवं सांसद चंद्रकांत हंडोरे, पूर्व मंत्री बबनराव घोलप, राजकुमार बडोले, पूर्व विधायक बाबूराव माने और एड. अमन आंबेडकर सहित विभिन्न प्रमुख नेता उपस्थित रहेंगे। आयोजकों ने बताया कि चर्मकार, ढोर, वडार, कैकाड़ी, मातंग सहित अनुसूचित जातियों के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि मोर्चे में शामिल होंगे।
मोर्चे की शुरुआत बुधवार को क्रांति चौक से होगी। इसके बाद मोर्चा विभागीय आयुक्त कार्यालय की ओर रवाना होगा। वहां प्रशासन को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
अनुसूचित जातियों के आरक्षण का उपवर्गीकरण रद्द किया जाए।
उपवर्गीकरण के लिए गठित बदर समिति को तत्काल भंग किया जाए।
अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सभी रिक्त पद तत्काल भरे जाएं।
लंबित आरक्षित पदों का अनुशेष समाप्त करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए।
सरकारी नौकरियों की रोस्टर व्यवस्था पारदर्शी की जाए।
आरक्षित पदों और भर्ती की स्थिति सार्वजनिक की जाए।
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाएं।